महरीपुर पंप नहर कटने के बाद बहता पानी।
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा तहसील क्षेत्र के फरीदपुर कुतुब गांव के पास मंगलवार सुबह महरीपुर पंप नहर कट जाने से आस-पास के खेतों में पानी भर गया। इससे फरीदपुर, अरसावा, वाहिदपट्टी, रसूलपुर मुलनाचक सहित आस आस-पास के इलाके के 80 बीघा से ज्यादा धान के खेत लबालब हो गए। इससे खेतों में लगी धान की फसल के खराब होे जाने से किसान भी परेशान है। समय पर मरम्मत काम शुरू न होने के कारण नहर का पानी फरीदपुर कुतुब स्थित प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच कर भर गया।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे करीब महरीपुर पंप नहर का किनारा अचानक कट जाने से नहर का पानी खेतों में तेजी से फैलने लगा। इससे राजितराम वर्मा, अंकित, सुग्रीव, जवाहिर, सभापति, मनीराम, जयराम, जियालाल, मग्घू, सुमरा खातून सहित ढाई दर्जन से अधिक किसानों की मेहनत से बोआई की गई धान की रोपाई पानी में डूब गई।
नहर का पानी खेतों के साथ ही फरीदपुर कुतुब स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी भर गया। प्रधानाचार्य उर्मिला वर्मा ने बताया कि स्कूल में पानी भर जाने के बाद किनारे से निकलने के लिए थोड़ा सा सूखा रास्ता बचा था। उसी से बच्चों को बाहर निकाल कर घर भेजा गया। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नहर कटने की सूचना समय से देने के बाद भी मरम्मत के लिए विभागीय टीम काफी देरी से पहुंची। इस कारण पानी ने आस-पास गांव के कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता संजीव सोनकर ने बताया कि नहर की नियमित पेट्रोलिंग की जाती है। जैसे ही नहर कटने की सूचना मिली, टीम ने मौके पर पहुंच कर मरम्मत कार्य शुरू कराया। भरोसा दिलाया कि शाम तक नहर की मरम्मत पूरी कर ली जाएगी।