महरुआ (अंबेडकरनगर)। सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए महरुआ क्षेत्र के किसानों को इस बार 15 किमी. तक का चक्कर लगाने की मजबूरी है। साधन सहकारी समिति महरुआ को इस बार क्रय केंद्र न बनाए जाने से करीब तीन दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
महरुआ साधन सहकारी समिति से कटरिया बड़ागांव, पीतांबरपुर, बलईपुर, नसेड़ी, नसीरपुर, पखनपुर, रामपुर नोनसिला, जैमलपुर, सेमरी, पांती, पतौना, आदमपुर तिंदौली, घनेपुर, बाहरपुर, खड़हरा, महरुआ, नरसिंहदासपुर, कसड़ा, रामपुर हरिनंदन, बाहरपुर, हीड़ी पकड़िया व बरामदपुर जरियारी सहित तीन दर्जन से अधिक गांवों के ढाई हजार से अधिक किसान जुड़े हैं।
किसानों की सुविधा के लिए यहां कई वर्षों से क्रय केंद्र स्थापित होता रहा है। खरीद कार्य में शिथिलता के आरोप भी लगते रहे। इस सब के बावजूद बीते सत्र में इस क्रय केंद्र पर 10,500 क्विंटल से अधिक धान की खरीद हुई थी। इस बार प्रशासन ने महरुआ में क्रय केंद्र खोलने की जरूरत नहीं महसूस की। इसके चलते अब क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
किसान ध्रुव सिंह फौजी, कार्तिकेय पांडेय, नीरज सिंह, संजीव मिश्र व अभिमन्यु सिंह आदि का कहना है कि यदि महरुआ में क्रय केंद्र न स्थापित किया गया तो किसानों को मजबूरन आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम पर धान बेचना पड़ेगा। महरुआ क्षेत्र के किसान यदि सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए पहितीपुर ले जाएं तो करीब 12 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
वहीं भीटी क्रय केंद्र पर ले जाने के लिए उन्हें 15 से 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। प्रशासन को अविलंब महरुआ में क्रय केंद्र खोलने का निर्णय लेना होगा। उधर सचिव संदीप दुबे का कहना है कि किसानों की समस्याओं से विभाग को अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।