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देवी मंदिरों में भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन, तैयारियां तेज

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अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय स्थित गायत्री मंदिर में नवरात्रि पर्व को लेकर चल रही तैयारियां। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कोविड प्रोटोकॉल के बीच इस बार नवरात्र पर मंदिरों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का दर्शन हो सकेगा। उन्हीं भक्तों को दर्शन का मौका मिलेगा जो गाइड लाइन का पालन करेंगै। इसे लेकर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिरों की रंगाई पुताई के साथ ही साफ सफाई का कार्य जोरों पर है। पवित्र नवरात्र पर्व पर ज्यादातर मंदिरों में 17 अक्तूबर की सुबह कलश की स्थापना की जाएगी, जबकि कुछ मंदिरों में एक दिन पहले 16 अक्तूबर की शाम मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना होगी। पर्व के अंतिम दिन होने वाला भंडारा शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार आयोजित करने की तैयारियां मंदिर प्रशासन ने शुरू कर दी हैं।
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मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना को लेकर मनाए जाने वाले नवरात्र पर्व की तैयारियां जिले में तेज हो गई हैं। आगामी 17 अक्तूबर से शुरू हो रहे पर्व को कोरोना संक्रमण को लेकर शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार मनाए जाने को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों के पुजारियों ने जरूरी कदम उठाना शुरू कर दिया है। मंदिर प्रशासन व पुजारियों के अनुसार कोरोना प्रोटोकाल के तहत ही इस बार मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शन हो सकेंगे। नौ दिन चलने वाले नवरात्र पर्व के मद्देनजर ज्यादातर मंदिरों में 17 अक्तूबर की सुबह कलश की स्थापना होगी, जबकि कुछ मंदिरों में एक दिन पहले 16 अक्तूबर की शाम ही मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना की जाएगी।
अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा के निकट स्थित गायत्री मंदिर के पुजारी विद्यासागर पाण्डेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए उन्हीं श्रद्धालुओं को मां का दर्शन करने के लिए अंदर प्रवेश करने दिया जाएगा, जिन्होंने मास्क लगा रखा होगा। मंदिर के मुख्य गेट पर सैनिटाइजर मशीन रखी जाएगी, जिससे मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालु खुद को सैनिटाइज कर सकें। कहा कि 16 अक्तूबर की शाम मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना की जाएगी, जबकि अंतिम दिन 25 अक्तूबर को भंडारे का आयोजन होगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा। काली मंदिर के पुजारी अवधेश दास ने कहा कि 17 अक्तूबर की सुबह मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना की जाएगी, जबकि 25 अक्तूबर को भंडारे का आयोजन होगा।
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए पूजन अर्चन व भं डारे के आयोजन के दौरान शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा। कहा कि मंदिर की रंगाई-पुताई व रंगरोगन का कार्य तेज कर दिया गया है। अकबरपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के बगल स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी माधव प्रसाद तिवारी ने बताया कि मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साफ सफाई व रंगाई-पुताई का कार्य अंतिम दौर में है। बताया कि 17 अक्तूबर की सुबह हवन पूजन के बीच कलश की स्थापना की जाएगी, जबकि 25 अक्तूबर को हवन पूजन के बाद भंडारे का आयोजन होगा। कहा कि नवरात्र पर्व पर होने वाले सभी आयोजन कोरोना प्रोटोकाल के तहत होगा।
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