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दुर्गा मूर्तियों को भव्य लुक देने में तेजी से जुटे हैं कारीगर

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अंबेडकरनगर के अयोध्या मार्ग स्थित दुर्गा प्रतिमाओं को अंतिम रूप देता कलाकार - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। दुर्गा पूजा को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। माता की प्रतिमाओं का निर्माण भी अंतिम चरण में है। कारीगरों के हाथ तेजी से चल रहे हैं। पांच हजार से 60 हजार रुपये तक की प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में कारीगर जुटे हैं। कारीगरों के अनुसार, निर्माण सामग्री के दामों में तो वृद्धि हुई है, लेकिन प्रतिमाओं के दामों में वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में सिर्फ लागत ही निकल पाती है।
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जिला मुख्यालय पर दो स्थानों पर मूर्तियों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन्हीं स्थानों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मूर्तियां जाती हैं। पर्व से पहले मूर्तियों का निर्माण कार्य पूर्ण हो सके, इसके लिए कारीगरों के हाथ तेजी से चल रहे हैं। मूर्तियों को अंतिम रूप देने में कारीगर जुट गए हैं।
अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर मूर्ति के निर्माण में लगे पश्चिम बंगाल के केडी पाल ने कहा कि मूर्ति निर्माण में न सिर्फ उसका परिवार बल्कि पांच अन्य कारीगरों को लगाया गया है। मौजूदा समय में कुल 60 मूर्तियां बनाई गई हैं। इनमें से 52 की बुकिंग हो चुकी है। सभी मूर्तियों के निर्माण में कुल सात ट्रॉली मिट्टी लगी है। इसमें चार ट्रॉली काली, जबकि 3 ट्रॉली पीली मिट्टी लगी है। कहा कि मूर्ति निर्माण में लगने वाले सामग्रियों के दाम में तो वृद्धि हुई, लेकिन मूर्तियों के दाम में वृद्धि नहीं हुई। कहा कि 5 हजार से 60 हजार रुपये तक की मूर्तियों का निर्माण वह कर रहा है। मूर्तियों के दाम में वृद्धि न होने से सिर्फ लागत ही निकल पाती है। कहा कि 27 सितंबर से मूर्तियों के उठान का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
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पहितीपुर रोड पर मूर्ति निर्माण में लगे एसके पाल ने कहा कि उसके कारखाने में कुल 112 मूर्तियों का निर्माण चल रहा है। इनमें से ज्यादातर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्हें आखिरी टच देना शेष है। इसके बाद मूर्तियों का साज श्रृंगार किया जाएगा। कहा कि 84 मूर्तियों की बुकिंग हो चुकी है। विगत वर्ष की तरह इस बार भी मूर्तियों के 5 हजार से 55 हजार रुपये में मूर्तियां बिक रही हैं। कहा कि पिछले तीन दशक उनका परिवार मूर्तियों के निर्माण में लगा हुआ है। कहा कि मूर्तियों के निर्माण में काली व पीली मिट्टी के प्रयोग के साथ ही बांस, रस्सी आदि का प्रयोग किया जाता है।
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