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हड़ताल से दफ्तरों में लटके रहे ताले

Wed, 10 Aug 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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दवा लेने के लिए इस तरह लाइन में खड़े होने को विवश हुए मरीज व तीमारदार। - फोटो : अमर उजाला
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर जिले के विभिन्न विभागों में तीन दिनी हड़ताल की शुरुआत बुधवार को जोरदार ढंग से हुई। रजिस्ट्री कार्यालयों में कर्मचारियों की कोई खास हड़ताल नहीं रही फिर भी सभी तहसीलों को मिलाकर लगभग चालीस लाख रुपये के राजस्व पर असर पड़ना बताया जा रहा है।
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जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों ने तीन घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया तो वहीं विभिन्न विभागों के कर्मचारी दिनभर कार्य से विरत रहे। अलग-अलग कार्यालयों के समक्ष एकजुट हुए कर्मचारियों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया। उधर, शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों ने भी पूरी दमदारी के साथ हड़ताल में भागीदारी की।

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विभिन्न विभागों में आवश्यक कार्य से आए लोगों को खासी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के रुख से नाराज राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बुधवार से तीन दिनी प्रांतव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया था।
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इस क्रम में कर्मचारियों व शिक्षकों ने भारी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए पहले ही दिन हड़ताल को काफी प्रभावी रूप देने में सफलता प्राप्त की। विभिन्न तहसीलों, ब्लाकों के अलावा जिला मुख्यालय के विभिन्न विभागों में कर्मचारी तरह हड़ताल पर रहे।

 कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान हालांकि रजिस्ट्री कार्यालयों में कोई खास प्रभाव नहीं रहा फिर भी सभी तहसीलों को मिलाकर लगभग चालीस लाख रुपये के राजस्व पर असर पड़ना बताया जा रहा है। अकबरपुर तहसील में एक माह पहले जहां प्रतिदिन औसतन 10 रजिस्ट्री होती थी, वहीं बुधवार को सिर्फ तीन रजिस्ट्री हुई। यही हाल अन्य कार्यालयों में भी रहा।

उपनिबंधक अकबरपुर संतोष सिंह ने बताया कि बुधवार को मात्र चार रजिस्ट्री हुई। संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष सूर्यभान सिंह, जिलामंत्री एएम त्रिपाठी, संरक्षक रामनवल वर्मा, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ अध्यक्ष कृपाशंकर, सचिव हरिकृष्ण व स्वास्थ्य विभाग के पारसनाथ की अगुवाई में कर्मचारियों ने विकास भवन, पीडब्लूडी, जिला अस्पताल व एआरटीओ आफिस पहुंचकर प्रदर्शन किया।

कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में वांछित सुधार, पुरानी पेंशन बहाली तथा सभी भत्तों को जारी रखने आदि की मांग हर हाल में पूरी की जाए। कहा गया कि यदि मांगों को पूरा न किया गया तो कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार को जिला मुख्यालय के विभिन्न विभागों में सन्नाटे का माहौल पसरा रहा।

आवश्यक काम से आए लोगों को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। हड़ताल के चलते जरूरी कामों के लिए लोग मिन्नतें करते देखे गए। आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार राज्य कर्मचारियों की हड़ताल से कई कार्यालयों में फरियादियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।

बुधवार को रामनगर विकासखंड के कर्मचारी राजीव कुमार, जितेंद्र  पांडेय, सतीश तिवारी, अशोक कुमार यादव, जय प्रकाश, रवींद्र देव व घनश्याम चौधरी आदि कर्मचारियों ने कार्य से विरत रहकर विरोध जताया। इससे ब्लॉक पहुंचे फरियादियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में डॉ. मुन्नीलाल निगम, डॉ. आरपी मौर्य व डॉ. सतीश यादव आदि ने तीन घंटे कार्य से विरत रहकर विरोध  जताया। इस दौरान मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार जीजीआई राजेसुल्तानपुर में प्रधानाचार्य जेपी सिंह के नेतृत्व में शिक्षक उदयराज मिश्र, विनोद सिंह, अमरनाथ व हरिप्रसाद आदि ने प्रदर्शन किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हड़ताल का जिले के विभिन्न विद्यालयों पर भी व्यापक असर दिखाई पड़ा।

शिक्षकों की एकजुटता के चलते शिक्षण कार्य पर तो असर पड़ा ही, शिक्षकों ने निर्णायक आंदोलन के लिए शासन-प्रशासन को चेतावनी भी दी। रांगेय राघव इंटर कॉलेज हंसवर में राज्य कर्मचारी परिषद के आह्वान पर शिक्षकों ने चाक डाउन हड़ताल को सफल बनाने में एकजुटता दिखाई।

मालीपुर प्रतिनिधि के अनुसार बाबा बरुआदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसूलपुर बाकरगंज में बुधवार को प्रधानाचार्य घनश्याम यादव की अगुवाई में शिक्षक रामप्रसाद उपाध्याय, दिग्विजय पांडेय, एस लाल यादव, दीपक तिवारी, गोकुल तिवारी, कौशर आलम व अभिषेक कुमार आदि ने कलम बंद हड़ताल को समर्थन किया।

पुरानी पेंशन की बहाली, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सुविधा देने की मांग के अलावा शिक्षक नेता ओम प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में लखनऊ में शांतिप्रिय ढंग से चल रहे प्रदर्शन में शिक्षकों पर यूपी सरकार के निर्देश पर बर्बरतापूर्वक हुए लाठीचार्ज के विरोध में गांधी स्मारक इंटर कॉलेज राजेसुल्तानपुर में माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलामंत्री के नेतृत्व में शिक्षकों ने चाक डाउन हड़ताल को समर्थन दिया।

 सरकारी अस्पतालों में पूरे दिन की हड़ताल न रहने से राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ा। जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से पर्चा कटने का कार्य सुचारु ढंग से शुरू हुआ जो लगातार जारी था। हालांकि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण विभिन्न प्रकार की जांच आदि का कार्य प्रभावित हुआ।

जिन मरीजों के पर्चे बनते गए, उन्हें चिकित्सक अपने कक्ष में बैठकर इलाज करते रहे। यह बात अलग है कि चिकित्सक के परामर्श के बाद न तो मरीजों की आवश्यक जांच हो पा रही थी और न ही उन्हें दवाएं मिल पा रही थीं।

मरीज राजेश व हरीराम ने बताया कि उन्हें खून की जांच करानी है लेकिन हड़ताल के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा। सुलेखा व निधि ने अल्ट्रासाउंड न हो पाने के संकट का हवाला दिया। हालांकि पूर्वाह्न 11 बजे के बाद सभी प्रकार की जांचों का कार्य सुचारु ढंग से शुरू हो गया।
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