राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिला इकाई ने मंगलवार को भी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। उपेक्षा से नाराज राज्य कर्मचारियों ने कृषि विभाग कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर कर ताला जड़ दिया। इसके बाद जमकर प्रदर्शन किया। कहा कि राज्य कर्मचारी अब और अपनी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगे। समान काम तो समान भत्ता देने की मांग पर जोर दिया। कहा कि यदि जल्द शासन प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से न लिया तो और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। बाद में अपनी मांगों से संबंधित 10 सूत्री ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा।
जिलाध्यक्ष सूर्यभान सिंह की अगुवाई में मंगलवार को भी राज्यकर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपने हितों की आवाज बुलंद की। कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पदाधिकारी व सदस्यों ने विभिन्न कार्यालयों में पहुंचकर कार्यालय बंद कराने का भी दावा किया। कहा कि यदि उनके हितों की अनदेखी जारी रही, तो वह जल्द ही बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे। सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपने को पूरा किए जाने की मांग उठाई। श्री सिंह ने कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कहा कि संगठन उनके हितों के लिए सड़क से सदन तक लड़ने के लिए तैयार हैं। ऐसे में कर्मचारी संगठन को अपना पूरा समर्थन दें। पदाधिकारियों ने कृषि भवन पहुंचकर कर्मचारियों को बाहर किया और कार्यालय में ताला बंद कर दिया। कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर अपना विरोध भी दर्ज कराया। कहा कि अब किसी भी कीमत पर शोषण व उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के इलाज के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार को रोके जाने के लिए कैश लेस व्यवस्था लागू करने, केन्द्रीय कर्मचारियों के सामान भत्ता देने, निगमों के घाटे के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने, ठेकेदारी व्यवस्था बंद कर युवाओं को रोजगार देकर कर्मचारियों के माध्यम से कार्य कराए जाने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। बाद में अपनी मांगों से संबंधित 10 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। ज्ञापन में शीतला सिंह, एएम त्रिपाठी, रामनवल वर्मा, कृपाशंकर व संतोष गुप्त सहित दर्जनों लोगों का हस्ताक्षर हैं।