सोमवार को भी जिला मुख्यालय पर लगभग पूरे दिन जाम की समस्या बनी रही। कोई मार्ग ऐसा नहीं रहा, जिस पर लोगों को जाम की समस्या से न जूझना पड़ा हो। एक मार्ग पर यातायात सुचारू होती, तो दूसरे मार्ग पर जाम लग जाता। इस दौरान जाम में न सिर्फ एंबुलेंस फंसी, बल्कि कई नीली बत्ती वाहन भी फंसे रहे।
तमाम कवायद के बाद भी जिला मुख्यालय पर जाम की समस्या दिन- प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है। बीते दिनों एसपी रोहन पी. कनय ने यातायात प्रभारी सुधांशु को हटाकर उनके स्थान पर संजय सिंह को यातायात का प्रभार दिया है। हालांकि इसके बाद भी जाम की समस्या दूर नहीं हो सकी।
सोमवार को भी अकबरपुर नगर पूरे दिन जाम की चपेट में रहा। अकबरपुर- फैजाबाद मार्ग, पुराना तहसील तिराहा, नई सड़क, दोस्तपुर रोड, मालीपुर रोड, बस स्टेशन क्षेत्र व पटेलनगर क्षेत्र में पूरे दिन जाम की समस्या बनी रही। लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
यातायात सामान्य करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। नतीजा यह रहा कि जाम में फंसे लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त होने लगा। लोगों का कहना है कि जब तक रिंगरोड व बाईपास का निर्माण नहीं होगा, तब तक जाम की समस्या से राहत नहीं मिल सकेगी। इसके अलावा अतिक्रमण दूर करने तथा टैक्सियों को शहर के बाहर खड़ा किए जाने की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
इसके अलावा गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रक भी जाम की समस्या में और वृद्धि कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जाम की समस्या को देखते हुए गन्ना लदे वाहनों को नगर के अंदर से न जाने देकर उन्हें बाहर से चीनी मिल तक पहुंचाया जाए।
जाम में फंसे रणधीर व श्यामजी ने कहा कि नगर के विभिन्न मार्गों पर सड़क किनारे अतिक्रमण किए जाने एवं सड़क पर वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते भी जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में यदि अतिक्रमण हटवाया जाए तो कुछ राहत मिल सकती है।