अंबेडकरनगर/जलालपुर। जिले की सभी तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 317 शिकायतें आईं, जिसमें राजस्व के मामले सबसे अधिक रहे। इसके सापेक्ष अधिकारी सिर्फ 28 मामलों का ही निस्तारण हो पाया। अधिकतर फरियादियों को आश्वासन की घुट्टी पिलाकर विदा कर दिया गया।
जलालपुर तहसील में डीएम अनुपम शुक्ला और एसपी अभिजित आर. शंकर के सामने फरियादियों की लंबी कतार लगी रही। यहां 100 लोग अपनी शिकायत करने पहुंचे, लेकिन इसके सापेक्ष सिर्फ पांच लोग ही संतुष्ट हुए। शेष पांच शिकायतें लंबित ही रह गईं और उनके निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम राहुल गुप्ता, तहसीलदार गरिमा भार्गव, क्षेत्राधिकारी अनूप सिंह व अन्य विभाग की अधिकारी मौजूद रहे। अकबरपुर, भीटी, आलापुर व टांडा तहसीलों से भी ज्यादातर फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
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चार बार की शिकायत, पर नहीं हुआ निस्तारण
अकबरपुर तहसील में धर्मामुबारक पट्टी राजीपुर निवासी किस्मतुल अपनी शिकायत लेकर आए थे। बताया कि गांव के ही विपक्षियों ने घर के सामने रास्ते पर जल निकासी के लिए पाइप लगा रखा है। चार बार शिकायत की, लेकिन कोई निराकरण नहीं हो पाया।
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अकबरपुर के अरजानीपुर गांव के रहने वाले परशुराम ने बताया कि उनकी पैतृक जमीन का अंश निर्धारण हुआ था। जिसमें उनकी जमीन का रकबा कम हो गया है। वह समाधान दिवस में शिकायत लेकर आ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पाया है।
पैतृक भूमि पर हुआ कब्जा
जलालपुर तहसील में पहुंचीं सम्मनपुर सरदिलपुर निवासी गायत्री देवी ने बताया कि गांव के कुछ लोग पैतृक जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। तीन बार शिकायत पत्र देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
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जबरन किया कब्जा
कटका क्षेत्र के पिंडोरिया गांव निवासी विजय बहादुर ने बताया कि ग्राम समाज के बंजर भूमि पर विपक्षियों ने जबरन कब्जा कर लिया है। इस समस्या के समाधान के लिए हर बार वह संपूर्ण समाधान दिवस में आते हैं, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ है।
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