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हड़ताल पर गए विद्युत विभाग के संविदाकर्मी, बढ़ेगा संकट

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अंबेडकरनगर। जिले में चार दिन तक विद्युत आपूर्ति भगवान भरोसे है। दरअसल, विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर तैनात 600 से अधिक संविदा कर्मचारियों ने मानदेय वृद्धि करने की मांग और निजीकरण के विरोध में गुरुवार से हड़ताल शुरू कर दी है। ऐसे में सुचारु बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी स्थायी कर्मचारियों पर आ गई है। जिले में लगभग 25 स्थायी लाइनमैन हैं। ऐसे में कहीं गड़बड़ी होती है तो इससे निपटना आसान नहीं होगा।
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संविदा कर्मचारियों के 27 जून से हड़ताल पर चले जाने से उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध होने पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल जिले के विभिन्न उपकेंद्रों पर लगभग 600 संविदा कर्मचारियों की तैनाती है, इसमें लाइनमैन भी शामिल हैं। स्थाई लाइनमैन की संख्या लगभग 25 है। संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते अब सुचारु विद्युत आपूर्ति की जिम्मेदारी इन स्थाई लाइनमैनों पर चार दिन रहेगी।
ऐसे में यदि कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है, तो समय पर किस प्रकार से गड़बड़ी दूर की जा सकेगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस बीच अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के अधिशाषी अभियंता वीके पटेल ने बताया कि संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से समस्या तो खड़ी हुई है। लेकिन उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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उधर, संविदा कर्मचारी रामकुमार व सुनील ने बताया कि प्रांतीय आह्वान पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 27 से 30 जून तक विद्युत उपकेंद्र के संविदा कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ज्यादातर संविदा कर्मी हड़ताल के पहले दिन ही लखनऊ में चल रहे धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए वहां पहुंच गए।
इस बीच संविदा कर्मियों ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान मानदेय वृद्धि की मांग के साथ ही निजीकरण को लेकर कड़ा विरोध किया जाएगा। लंबे समय से संविदा कर्मचारियों की मांग को लेकर उपेक्षात्मक रवैया अपना गया है जो कतई उचित नहीं है। इस बार इन्हीं सब के चलते निर्णायक आंदोलन छेड़ने को विवश होना पड़ा है। बताया कि जिले में 600 से अधिक संविदा कर्मचारी हैं, जो पूरी तरह हड़ताल पर हैं।
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