अंबेडकरनगर। आलापुर इलाके में वर्ष 2007 में एक युवक की दीवार बनाने के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पिता-पुत्रों समेत तीन पर केस दर्ज हुआ था। मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
आलापुर इलाके के ग्राम सतरही रामकोला में दो सितंबर 2007 की सुबह चंद्रबली और उसका पुत्र बाबूराम अपनी दीवार बनवा रहे थे, जो बरसात के कारण गिर गई थी। गांव के राम अवध ने अपने पुत्रों के साथ हमला बोल दिया था। राम अवध ने लाठी से बाबूराम के सिर पर प्रहार कर दिया। इसके बाद राम अवध के ललकारने पर उसके पुत्रों ने अवैध असलहे से बाबूराम को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस हमले में चंद्रबली और शारदा देवी पत्नी रंजीत के सिर में चोट आ गई थी। इस मामले में पुलिस ने चंद्रबली की शिकायत पर रामअवध व उसके पुत्रों के विरुद्ध हत्या व मारपीट के साथ 7 सीएल एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोप पत्र का संज्ञान ले लिया था, जिसके बाद रामअवध के पुत्रों की पत्रावली बाल अपचारी की सुनवाई के लिए अलग कर दी थी।
रामअवध के विरुद्ध सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम डॉ. जया पाठक के न्यायालय में चल रही थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने राम अवध को हत्या, मारपीट व धमकाने के मामले में दोषी पाया। शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी राम अवध को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 13000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न जमा करने की स्थिति में 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।