अंबेडकरनगर। नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो अनमोल पाल ने दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला वर्ष 2014 में सम्मनपुर थाना क्षेत्र का है। थाने में दर्ज कराए केस में वादी ने बताया कि 3 अक्तूबर को कक्षा 11 में पढ़ रही उसकी नाबालिग पुत्री को गांव निवासी दिनेश अपने एक सहयोगी वीरू के साथ मिलकर बहला फुसलाकर बाइक से ले गया था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बाद में बालिका को बरामद किया तो उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। मामले में बाद में दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट की धारा भी लगा दी गई। जेल भेजे जाने के बाद दोनों अभियुक्त इन दिनों रिहा चल रहे थे।
इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। बचाव पक्ष की तरफ से अधिवक्ताओं ने कहा कि आरोप निराधार हैं। आबादी की भूमि से जुड़ी रंजिश के चलते उन्हें फर्जी फंसाया जा रहा है, जबकि अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाषचंद्र वर्मा ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि आरोपी ने अव्यस्क बालिका के साथ घटना को अंजाम दिया है। ऐसे में दंडित करते हुए अधिकतम सजा दी जाए।
मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो अनमोल पाल ने आदेश में कहा कि पीड़िता व आरोपी चचेरे भाई-बहन हैं। अभियुक्त ने विश्वास के इस रिश्ते को चोट पहुंचाई है। न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग अलग धाराओं के चलते उस पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया। आदेश में कहा गया कि अर्थदण्ड में से आधा हिस्सा पीड़िता को प्रतिकर स्वरूप प्रदान किया जाए।