अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए शिक्षा सत्र में 62 परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का दर्जा मिलेगा। इसके साथ ही जिले में अंग्रेजी माध्यम से संचालित परिषदीय विद्यालयों की संख्या 234 हो जाएगी। इससे करीब 10 हजार छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का दर्जा देने की आवश्यक प्रक्रिया तेज कर दिया है। जिन विद्यालयों को अब अंग्रेजी माध्यम का दर्जा दिया जा रहा, उसमें 50 प्राथमिक स्तर के तथा 12 उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यालय शामिल हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश की सत्ता में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद से परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता को सुधारने की मुहिम तेजी से चल रही है। नई योजनाओं के माध्यम से जहां परिषदीय स्कूलों की दशा को सुधारा जा रहा है, वहीं सरकारी स्कूलों में काण्वेंट जैसी शिक्षा मिले इसके लिए परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम का दर्जा देने का काम किया जा रहा है। अब तक जिले में 160 प्राथमिक व 12 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का दर्जा दिया जा चुका है। शासन की मंशानुरूप चल रही योजना से विद्यालयों में हो रहे सुधार को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा सत्र 2020-21 में 62 परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का दर्जा दिए जाने की पहल शुरु कर दी है। इसमें सभी 9 ब्लाकों से कुल 50 प्राथमिक विद्यालय व 12 उच्च प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। इससे आगामी नए शिक्षा सत्र से संबंधित 62 विद्यालयों में भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा शुरु हो जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग की इस पहल से इन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 10 हजार से अधिक छात्र छात्राओं को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा मिल सकेगी। अंग्रेजी माध्यम का दर्जा मिलने से छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा के साथ साथ बच्चों को बैठने के लिए डेस्क बेंच आदि सुविधाएं भी मिलेंगी। बरधाभिउरा के संतराम व सतीश कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग की इस पहल की सराहना की। कहा कि सरकार का प्रयास काफी सराहनीय है। आम नागरिकों के बीच अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के प्रति लगाव बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार ने परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम का दर्जा देने की पहल शुरु कर गरीब परिवार के छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। सरकार को योजना लागू करने के साथ ही व्यवस्थाओं पर भी प्राथमिकता से फोकस करना चाहिए।
नए शिक्षा सत्र में 62 परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का दर्जा देने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से अधिकांश विद्यालयों का चयन कर लिया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से छात्र छात्राओं को और बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
- अतुल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी