अकबरपुर नगर के रेलवेब्रिज के नीचे सजी तंबाकू की दुकान इसी रास्ते में स्थित है कई विद्यालय।
अंबेडकरनगर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तंबाकू का सेवन रोकने के लिए जगह-जगह जागरूकता अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन यह सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित हैं। सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम तंबाकू की बिक्री हो रही है और नाबालिग भी सेवन कर रहे हैं। तंबाकू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर लोगों जागरूक करता है, लेकिन विभाग में यह अभियान केवल कागजों तक ही सीमित है। वर्ष 2024-25 में केवल सात लोग ही तंबाकू से दूरी बना पाएं, जबकि 2190 लोगों की कांउसिलिंग कराई गई थी।
वहीं इस वित्तीय वर्ष में अब तक एक व्यक्ति के तंबाकू छोड़ने के दावे विभाग की ओर से किए गए हैं और 170 लोगों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। अगर जिले में कैंसर रोगियों की बात करें तो वर्ष 2024-25 में मुंह के कैंसर के मरीज 38 थे, जबकि सर्वाइकल कैंसर के 34 मरीज थे। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में सर्वाइकल कैंसर के दो मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि तंबाकू पर लगाम लगाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी की जाती है। कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन इन सबके बाद भी कोई बेहतर परिणाम नहीं दिख रहे हैं।
जिला अस्पताल में इसके लिए बकायदा अलग विभाग है, जहां पर मरीजों का इसके दुष्प्रभाव के बारे में समझाया जाता है। जिला अस्पताल गे वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीपी वर्मा ने बताया कि इससे बचने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। सरकार की ओर से हर तरीके के प्रयास किए जाते हैं लेकिन लोगों को खुद इसके लिए आगे आना पड़ेगा।