असम राइफल के जवान मनोज उपाध्याय उर्फ पिंटू का पार्थिव शरीर आते ही रोते-बिलखते हुए परिजन व ग्रा
आलापुर (अंबेडकरनगर)। असम राइफल के जवान मनोज उपाध्याय उर्फ पिंटू का पार्थिव शरीर पैतृक गांव देवरियालाल शुक्रवार सुबह पहुंचा। मनोज का अंतिम संस्कार चांडीपुर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। असम राइफल व पांच मराठा राइफल के जवानों ने सलामी दी और नम आंखों से अपने साथी को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार के दौरान बेटे तुषार उर्फ चाहत (16) ने रोते हुए बताया कि पापा से बुधवार शाम चार बजे बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि जुकाम-सर्दी है, लेकिन 24 नवंबर को फ्लाइट से घर आऊंगा…पापा हमेशा कहते थे मेहनत से पढ़ो, अफसर बनो…अब मेरे सपने कौन पूरे करेगा। बेटी नियति (13 वर्ष) और पत्नी रानी उपाध्याय बेसुध होकर बार-बार गिर पड़ रहीं थीं। परिवार एक वर्ष पहले ही पिता चंद्रभूषण उपाध्याय के निधन का दर्द झेल चुका है और अब दूसरा बड़ा सहारा भी चला गया। असम राइफल से आए नायक सूबेदार मुन्ना कुमार ने बताया कि मनोज अत्यंत अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। हर किसी का सम्मान करते थे। यूनिट को उन पर गर्व था। पूर्व विधायक अनीता कमल ने घर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और परिजनों को ढांढस बंधाया। वहीं भाजपा जिला अयोध्या प्रभारी डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी, वरिष्ठ नेता यमुना प्रसाद चतुर्वेदी, जयराम विमल व अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी शोक संवेदना जताई।
स्थानीय अधिकारी नहीं पहुंचे
राजकीय सम्मान के दौरान तहसील के अधिकारियों और थानाध्यक्ष की गैरमौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में रोष नजर आया। लोगों ने कहा कि देश की सेवा में जान देने वाले सैनिक को सम्मान देने प्रशासन भी न पहुंचा, यह अपमान है।