आलापुर (अंबेडकरनगर)। तहसीलदार कोर्ट में आपत्तियों वाली फाइलों पर बिना सुनवाई आदेश पारित किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग पर अड़े रहे।
इससे पूरा दिन वादकारी मायूस लौटते नजर आए और कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी ने कहा कि सुनवाई किए बिना आदेश जारी होना न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पेशकार की लापरवाही या मिलीभगत से ऐसे आदेश पारित हुए, जो कानून और वादकारियों के अधिकारों के विपरीत हैं। तहसील परिसर में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि निर्धारित मानकों के पालन और दोषियों पर ठोस कार्रवाई तक आंदोलन जारी रहेगा। वकीलों ने समाधान में देरी होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने सभी विवादित मामलों की दोबारा जांच कराने और त्रुटि मिलने पर विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। न्यायिक कार्य ठप रहने से वादकारियों की परेशानियां बढ़ी रहीं और वे निराश होकर लौटने को मजबूर हुए।