अंबेडकरनगर। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य में लगे 24 मजदूर पैदल ही अपने घर बिहार जाने के लिए निकल पड़े। गुरुवार को जब सभी मजदूर रसूलपुर दियरा के पास पहुंचे तो सूचना मिलने पर डीएम व एसपी पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार राशि लेकर भाग गया है। ऐसे में उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इसी के चलते वे पैदल ही घर जाने को मजबूर हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने न सिर्फ मजदूरों व उनके साथ आए बच्चों को मास्क पहनाया बल्कि उन्हें भोजन भी करवाया। साथ ही उन्हें क्वारंटीन कराने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई का भी निर्देश दिया।
गौरतलब है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। लॉकडाउन के चलते निर्माण कार्य ठप हो गया। संबंधित एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है। कार्य ठप होने व लॉकडाउन होने के चलते निर्माण कार्य में लगे 44 मजदूर सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर में फंस गए। वे सभी वहां स्थित कैंप में रह रहे थे। इस बीच गुरुवार को 24 मजदूर परिवार के साथ अपने मूल निवास खड़गिया जनपद बिहार जाने के लिए पैदल ही निकल पड़े। जब वे सभी अकबरपुर तहसील अन्तर्गत रसूलपुर दियरा पहुंचे तो उधर से गुजर रहे एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने उन्हें रोक लिया। साथ ही जानकारी डीएम व एसपी को दी।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र व एसपी आलोक प्रियदर्शी मौके पर पहुंच गए। मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार धनराशि लेकर भाग गया है। इसके चलते उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। 20 मजदूर सुल्तानपुर कैंप में हैं। हम सभी के पास न तो पैसा है और न ही खाने के लिए भोजन। ऐसे में पैदल ही घर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी मजदूरों व उनके परिवार को भोजन कराया। मास्क पहनवाया। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों को सभी मजदूरों को क्वारंटीन केंद्र भेजने व सभी के ब्लड का नमूना जांच के लिए भेजने को कहा। साथ ही संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया।