हिंदूवादी नेता व राष्ट्रीय किसान परिषद अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट के निकट आयोजित किसान गोष्ठी में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पाकिस्तान को घुटने के बल करने का दावा करने वाले लोगों ने खुद ही पाकिस्तान के सामने घुटने टेक दिए हैं। पाकिस्तान को करारा सबक सिखाने की जगह अभी तक सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें ही की जा रही हैं। पाकिस्तान को यदि पानी की आपूर्ति रोक दी जाए और धारा 370 व 35ए समाप्त किया जाए तो यह माना जाएगा कि पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ वास्तव में कोई प्रयास शुरू हुआ है।
तोगड़िया ने कहा कि पाकिस्तान को पूरा सबक तभी मिलेगा जब जिन्ना द्वारा स्थापित पाकिस्तान को खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए सच्चे मन से प्रयास करना होगा लेकिन ऐसा कैसे हो सकेगा, जब इस तरफ ध्यान देने की जगह सिर्फ लंबी-लंबी बातें की जा रही हैं। अब इन बातों का वक्त नहीं है। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास अफगानिस्तान जैसे देश को देने के लिए 22 हजार करोड़ रुपये हैं लेकिन, आश्रय स्थलों में भूख-प्यास से बेहाल गायों के लिए चारे-पानी का पैसा नहीं है। यही इनका हिंदुत्व है। जितने पैसे अफगानिस्तान को दिए गए, उतने में 50 लाख किसानों के कर्जे समाप्त हो सकते थे। कहा कि फसल बीमा योजना का लाभ बीमा कंपनियों को दिलाने की बजाए किसानों को दिलाना होगा, जो अभी तक नहीं हो पा रहा है।
कांग्रेस व भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों को किसानों की कोई चिंता नही है। हिंदूवादी नेता ने कहा कि राम मंदिर बनाना ही होगा। जोर देकर कहा कि राममंदिर नहीं तो बीजेपी को वोट भी नहीं। वे यह आह्नान देश भर में घूम-घूम कर करेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर न बनने के विरोध स्वरूप ही वे कुंभ स्नान करने नहीं गये। साफ किया कि वे किसानों का मुद्दा जरूर उठा रहे हैं, लेकिन मंदिर निर्माण का मुद्दा भी पहले जितनी गंभीरता से ही बना हुआ है।