अंबेडकरनगर। चीनी मिल का नया सत्र शुऱ् होने वाला है, लेकिन चीनी मिल प्रबंधन करीब 700 किसानों का बीते पेराई सत्र का 12 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान नहीं कर सका है। इससे किसान आए दिन चीनी मिल व बैंक का चक्कर काटने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि जल्द ही पेराई सत्र शुरु होने वाला है, इसके बावजूद चीनी मिल भुगतान को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। इससे किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में रबी फसल की बुवाई चल रही है। ऐसे में किसानों को पैसे की आवश्यकता है, लेकिन चीनी मिल भुगतान नहीं कर रही है। इससे किसान खासे परेशान हैं। किसानों ने चीनी मिल प्रशासन से अविलंब भुगतान किए जाने की मांग की है।
बताते चलें कि अकबरपुर चीनी मिल में आगामी दिनों में पेराई सत्र शुरु होने वाला है। परन्तु चीनी मिल प्रशासन करीब 700 किसानों का लगभग 12 करोड़ रुपए भुगतान अब तक नहीं कर सका है। इससे किसान आए दिन चीनी मिल का चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह हाल तब है जबकि शासन का निर्देश है कि गन्ना तौल के 15 दिन के अंदर भुगतान किया जाए। चीनी मिल में पेराई सत्र बंद हुए करीब 7 माह का समय बीतने को है, लेकिन चीनी मिल प्रशासन भुगतान नहीं कर रहा है।
इससे किसान खासे परेशान है। किसान जयप्रकाश यादव व शिवसागर आदि ने बताया कि उनका करीब 50-50 हजार रुपए बकाया है। उन्होंने पेराई सत्र ठप होने के समय 2-2 ट्राली गन्ने की बिक्री की थी, परंतु अब तक भुगतान नहीं मिला। मौजूदा समय में रबी फसल की बुवाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में किसानों को पैसे की जरूरत है। एक तरफ किसान धान बिक्री नहीं कर पा रहे हैं, तो दूसरी तरफ गन्ने की बिक्री के बाद भुगतान के लिए भटक रहे हैं।
कटेहरी के किसान राजेन्द्र वर्मा व रवीन्द्र सिंह का भी करीब डेढ़ लाख रुपए भुगतान नहीं हो सका है। बताया कि वह कई बार भुगतान के लिए चीनी मिल का चक्कर काट चुका है। परन्तु अब तक भुगतान नहीं हो सका। अकबरपुर के राजबहादुर व शिवेन्द्र प्रताप ने भी बकाया भुगतान न होने को लेकर नाराजगी जाहिर की। कहा कि शासन प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। किसान अपनी उपज की बिक्री करने के बाद भटक रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। किसानों ने चीनी मिल प्रबंधन से अविलंब भुगतान कराए जाने की मांग की।
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। लगभग 700 किसानों का लगभग 12 करोड़ रुपए बकाया है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नही है। जल्द ही खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
अरविंद सिंह, सहायक महाप्रबंधक चीनी मिल