जमुनीपुर। साहब, हमें न्याय दिला दो। गरीब किसान हूं। हमने कोई ऋण भी नहीं लिया है, इसके बावजूद तहसील से प्राप्त नकल में मेरी खतौनी को भारतीय स्टेट बैंक, अकबरपुर शाखा में 45 हजार रुपए पर बंधक बताया जा रहा है। प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करेगा तो न्याय नहीं मिल पाएगा। ये गुहार है सिस्टम से हा चुके एक किसान की।
गुरुवार को चंदनपारा गांव निवासी विजय कुमार अकबरपुर तहसील पहुंचे और एसडीएम सदर अभिषेक पाठक से मुलाकात की। बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए सप्ताह भर पहले अकबरपुर तहसील से खतौनी की नकल निकलवाई थी।
इसे देखकर उसके होश उड़ गए। खतौनी पर दर्ज था कि उन्होंने 45 हजार रुपए ऋण भारतीय स्टेट बैंक, शाखा से लिया है और उसकी खतौनी बंधक है। तत्काल इसकी शिकायत खतौनी की नकल देने वाले कर्मचारी से की। कर्मचारी ने कहा कि वह इसमें कुछ नहीं कर सकता, बैंक से संपर्क करें। इस पर वह भागकर अकबरपुर स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचे। बैंक प्रबंधक को मामले से अवगत कराया। उन्होंने जांच-पड़तालकर बताया कि उनके नाम से कोई ऋण नहीं है।
विजय कुमार के प्रार्थना पत्र पर बैंक प्रबंधक ने रिपोर्ट भी लगा दी कि कोई ऋण नहीं लिया गया है। न ही खतौनी शाखा में बंधक है। इसके बावजूद तहसील के कर्मचारी नहीं सुन रहे हैं। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कराई जाएगी। ऋण नहीं लिया है और खतौनी को बंधक दिखाया जा रहा है तो दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।