यह खुलासा वरिष्ठ जेल अधीक्षक द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई एक रिपोर्ट से हुआ है। उधर खान मुबारक को बरेली जेल में शिफ्ट किए जाने की अनुमति दिए जाने के मामले में अब सुनवाई 29 जुुलाई को अपर जनपद न्यायाधीश चतुर्थ की कोर्ट में होगी। उसके अधिवक्ता ने मामले में समय मांग लिया था।
मालूम हो कि फैजाबाद जेल में बंद खान मुबारक के दो वीडियो सामने आने के बाद से ही शासन तक हड़कंप मचा गया है। उसकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उसे जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद शासन ने बरेली जेल भेजे जाने की अनुमति दे दी थी।
हालांकि इसी बीच अधिवक्ता के जरिए जेल से शिफ्ट न किए जाने का अनुरोध खान द्वारा कोर्ट से किए जाने के बाद जेल से रिपोर्ट तलब करते हुए 25 जुलाई को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है। शनिवार को अपर जनपद न्यायाधीश चतुर्थ अनिल कुमार को कोर्ट मेें सुनवाई से पहले ही खान के अधिवक्ता प्रेमप्रकाश त्रिपाठी ने विधि व्यवस्था दाखिल करने के लिए समय की मांग की। न्यायालय ने इस पर 29 जुलाई की तिथि सुनवाई के लिए निर्धारित कर दी।
इससे पहले न्यायालय में वरिष्ठ जेल अधीक्षक फैजाबाद की जो आख्या पेश हुई है, उसमें खान मुबारक को बेहद शातिर व उदंड बताने के साथ ही कारागार के नियमों के उल्लंघन का आदी बताया गया है। कहा गया कि इस बंदी के गिरोह के कई अन्य सदस्य यहां निरुद्ध हैं।
स्थानीय होने के कारण लगभग 25 बंदियों का समूह बना लिया गया है। अन्य बंदियों का डराने धमकाने के साथ ही कारागार कर्मियों को भी धमकाया जाता है। राजनीतिक पहुंच के बूते जेल के बाहर भी देख लेने की धमकी दी जाती है। बंदियों के बीच संघर्ष की भी आशंका बनी हुई है।
पत्र में शासन के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि कारागार की प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बरेली कारागार स्थानांतरण की अनुमति प्रदान की जाए।