हजपुरा। लब्बैक या हुसैन, लब्बैक या अब्बास की सदाओं के बीच शनिवार को हजपुरा में अलम, ताबूत, अमारी व दुलदुल का जुलूस निकला। इसमें दूरदराज के क्षेत्रों से आए अंजुमन के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। जुलूस के दौरान उलेमा ने कर्बला के शहीदों पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम में शामिल लोगों से आह्वान किया कि वे कर्बला के मिशन इंसानियत को जन-जन तक पहुंचाएं। एक-दूसरे के सुख-दुख में बढ़-चढ़कर भाग लें। कोई ऐसा कदम न उठाएं, जिससे हुसैनियत पर किसी भी प्रकार की आंच आए।
जुलूसे अमारी नकवी कमेटी के तत्वावधान में शनिवार को गंजे शहीदां से ऐतिहासिक अमारी का जुलूस निकला। कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना सै. नूरुल हसन की मजलिस से हुई। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे कर्बला के मिशन इंसानियत को जन जन तक पहुंचाएं। इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ कर्बला में शहादत देकर इंसानियत को कयामत तक बचा लिया है। कहा कि जब जुल्म बढ़ा, तो इमाम हुसैन ने आगे बढ़कर ऐसा करने वालों को अपनी शहादत देकर रोक लिया। कहा कि इस्लाम किसी पर जुल्म करना नहीं सिखाता है। बाद में उन्होंने कर्बला के शहीदों पर प्रकाश डालकर भावुक कर दिया। मजलिस बाद हजरत अब्बास के अलम के साथ ही अमारी, ताबूत व दुलदुल का जुलूस निकला।
कमेटी से जुड़े जाहिद नकवी ने बताया कि जुलूस विभिन्न रास्तों से होता हुआ देर शाम कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान अंजुमन दस्ते मासूमिया घोसी मऊ, अंजुमन मजलूमिया गौरी खालसा हरदोई, अंजुमन जवाने हुसैनी रजिस्टर्ड आजमगढ़, अंजुमन असगरिया गाजीपुर, अंजुमन सज्जादिया नगपुर जलालपुर, अंजुमन पंजतनी जाफराबाद जलालपुर के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की।
जुलूस के बीच बीच में मौलाना सै. हैदर अब्बास लखनऊ, मौलाना सै. नदीम रजा फैजाबाद, मौलाना शफकत तकी दिल्ली, मौलाना वसी हसन खान फैजाबाद, मौलाना सै. मोहम्मद हसन हल्लौर ने तकरीर के माध्यम से कर्बला के शहीदों पर प्रकाश डाला। जुलूस का समापन मौलाना कैसर अब्बास बनारस की तकरीर से हुआ। जुलूस का संचालन अर्शी मौलाई ने किया।