टांडा के दहियावर में आयोजित जुलूस में अंजुमन के सदस्य व मौजूद लोग -संवाद
अंबेडकरनगर। मातमी सदाओं के बीच मंगलवार को तहसील क्षेत्र टांडा के दहियावर में अमारी का जुलूस निकला। करबला से निकलकर गांव स्थित पहुंचकर संपन्न हुए जुलूस में प्रदेश की प्रसिद्ध अंजुमन के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। इसके साथ ही जगह-जगह उलेमा ने तकरीर की। बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहे अय्यामे अजा का आखिरी जुलूस होने से बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए और जियारत की। इस बीच उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के प्रबंध किए गए थे।
अंजुमन अब्बासिया के तत्वावधान में निकले जुलूस में अंजुमन हैदरिया रजिस्टर्ड, अंजुमन लश्करे हुसैनी, अंजुमन आरफी, अंजुमन शाने हैदरी, अंजुमन हुसैनी ग्रुप, अंजुमन दस्त-ए-मासूमिया, अंजुमन अब्बासिया रजिस्टर्ड के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। जीशान आजमी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में मौलाना वसी हसन खां, मौलाना डॉ. कल्बे रुशैद कुम्मी, मौलाना जमीर अब्बास जाफरी, मौलाना मेहदी हसन वॉयज ने मजलिस को संबोधित किया। मौलाना कल्बे रुशैद ने कहा कि दो दिन बाद मोहर्रम समाप्त हो जाएगा। दो महीना आठ दिन तक इमाम हुसैन का मातम किया। युवाओं से अपील की कि मोहर्रम जरूर समाप्त हो रहा है लेकिन उनकी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो रही। करबला के मिशन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उन पर बनी रहेगी। कोई ऐसा काम न करें जिससे कि किसी अन्य को किसी भी प्रकार की ठेस पहुंचे। बाद में उन्होंने करबला के शहीदों का जिक्र कर माहौल को भावुक बना दिया।
उधर मोहर्रम का आखिरी जुलूस होने के चलते अलम, ताबूत, दुलदुल व अमारी की जियारत करने के लिए न सिर्फ अंबेडकरनगर बल्कि इर्दगिर्द के अन्य जनपदों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ को देखते हुए जगह जगह बच्चों के लिए दूध के अलावा जगह जगह फल, पानी की ठंडी बोतल, शरबत, चाय आदि के स्टॉल लगे थे। इसके अलावा जगह जगह भोजन व ठहरने की भी व्यवस्था की गई थी।