इसमें न सिर्फ स्कूली बच्चे फंसे रहे, बल्कि एंबुलेंस व कई अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के वाहन भी फंसे रहे। जाम में फंसे लोगों ने पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्रॉलियों व ट्रकों को किसी अन्य मार्ग से चीनी मिल भेजा जाना सुनिश्चित किया गया होता, तो जाम की समस्या से कुछ हद तक राहत मिलती।
यातायात सुचारु करने के लिए पुलिस प्रशासन दावे तो तमाम करता है, लेकिन उन दावों को हकीकत में बदलने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाता। इसी का नतीजा रहा कि सोमवार को एक बार फिर से लोगों को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ा। लगभग पूरे दिन रुक रुककर विभिन्न मार्गों पर जाम लगता रहा।
कभी अकबरपुर फैजाबाद मार्ग पर जाम लगता, तो कभी दोस्तपुर मार्ग पर। कभी पुराने तहसील तिराहे पर लगता, तो कभी बस स्टेशन क्षेत्र में। यातायात पुलिस के साथ साथ सिविल पुलिस यातायात सुचारु करने के लिए ठंडक में भी पसीना बहाती रही, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
पूरे दिन लगने वाले जाम में स्कूली बच्चों के साथ साथ अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी फंसे रहे। बस स्टेशन के निकट लगे जाम में फंसे अकबरपुर नगर के राघवेंद्र व अवनीश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जाम की समस्या पूरी तरह नासूर बनती जा रही है।
इसे दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बैंक कर्मचारी अनिल मिश्र व संतोष वर्मा ने कहा कि एक तो पहले से ही वाहनों के दबाव के चलते जाम की समस्या बनी रहती थी, उस पर से गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्रालियों व ट्रकों के चलते यह समस्या और भी बढ़ गई है।
कहा कि यदि गन्ना वाहनों को पहितीपुर मार्ग से चीनी मिल भेजा जाना सुनिश्चित किया गया होता, तो शायद जाम की समस्या पर कुछ हद तक अंकुश पाया जा सकता था। पुरानी तहसील तिराहे पर जाम में फं से कक्षा 11 की छात्रा रश्मि व अनामिका ने कहा कि सुबह जब वह स्कूल जा रही थी, तब भी जाम से जूझना पड़ा था।