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लोहिया बस के नाम पर दौड़ रहीं खटारा बसें

Sun, 02 Aug 2015 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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मालूम हो कि अकबरपुर डिपो में जो 46 बसें हैं, उनमें पांच बसें ऐसी हैं, जो नीलामी की समय सीमा को पार कर चुकी हैं, जबकि 29 बसें ऐसी हैं जो दूरी के हिसाब से नीलामी की सीमा से अधिक चल चुकी हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। मौजूदा समय में लगभग खस्ताहाली का शिकार है।
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इस डिपो में बीते कुछ समय से एक एक कर बसों की संख्या भी कम होती जा रही है। लेकिन उनके स्थान पर नई बसें भेजने की सुध शासन को नहीं है।  लगभग पांच वर्ष पूर्व इस डिपो 72 बसें थीं, लेकिन मौजूदा समय में मात्र 47 बसें ही हैं। इनमें से एक बस अनुबंधित है।

डिपो में जो बसें हैं उनमें से ज्यादातर खटारा हो चुकी हैं। जर्जर हाल में सड़कों पर दौड़ रहीं यह बसें अक्सर जहां तहां खड़ी हो जाती हैं, जिसका खामियाजा यात्रियों को ही भुगतना पड़ता है। टूटी खिड़कियों व क्षतिग्रस्त छतों के चलते बरसात के दिनों में पानी बस के अंदर पहुंचता रहता है। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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डिपो में जो 47 बसें हैं, उनमें से पांच बसें ऐसी हैं, जो दूरी व उम्र दोनों की सीमा समाप्त कर चुकी हैं। यह बसें न सिर्फ छह वर्ष से अधिक समय से सड़कों पर दौड़ रही हैं बल्कि 10 लाख किमी की दूरी भी तय कर चुकी हैं, जबकि नीलामी की सीमा के लिए अधिकतम 6 वर्ष व 8 लाख किमी की दूरी तय करने का निर्धारित है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार आठ बसें आठ से नौ लाख किमी, 7 बसें नौ से 10 लाख किमी, 11 बसें 7 से 8 लाख किमी व 3 बसें 6 लाख किमी की दूरी तय कर चुकी हैं। इसके बाद भी इन बसों का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है।

एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अकबरपुर डिपो से जिन तीन लोहिया बसों का संचालन किया जा रहा है, वह काफी जर्जर हो चुकी हैं। इनमें से दो बसें नीलामी के कगार पर पहुंच चुकी हैं। रंगरोगन कर इन बसों को लोहिया बस का नाम देकर सड़कों पर दौड़ाया जा रही हैं।
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