मामला कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हयातगंज का है। मोहल्ला निवासी दलित लालचंद्र कन्नौजिया ने बताया कि उसके मोहल्ले में नदी के किनारे एक पुराना शौचालय बना हुआ था। जर्जर होने के कारण वह गत 3 जुलाई को कटान से गिर गया। उसका मलबा मौके पर मौजूद है, जबकि कुछ नदी में बह गया।
इसे लेकर उसने व कुछ अन्य लोगों ने चार जुलाई को नगर परिषद में प्रार्थनापत्र दिया था। 10 जुलाई को नगर परिषद अध्यक्ष हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी, अधिशाषी अधिकारी आरडी बाजपेई, नैपुरा निवासी दस्तगीर व एक अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे। वह भी घर से बाहर निकला।
पालिका अध्यक्ष ने उससे पूछा कि शौचालय कैसे गिर गया तो उसने उसके जर्जर होने का हवाला देते हुए बताया कि नदी की कटान से गिर गया। यह भी बताया कि मलवे की चपेट में आने से दस वर्षीय बालक अमरनाथ घायल भी हो गया था।
उसका आरोप है कि इस पर नगर परिषद अध्यक्ष आक्रोशित हो गए और झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उसे एक झापड़ मार दिया। इसके बाद उसे जमकर गालीगलौज दी और जान से मारने की धमकी देते हुए मारकर नदी में फेंक देने की चेतावनी दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
उसने मामले में इसके बाद थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। कोतवाली पुलिस ने दलित उत्पीडन की धारा के साथ ही धमकी व मारपीट की धारा में चार आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना सीओ टांडा राघवेंद्र मिश्र को सौंप दी गई है। एसपी पंकज ने चेयरमैन व अन्य पर केस दर्ज होने की पुष्टि की है।