सावन मास की शुरुआत होते ही शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए पवित्र जल लाने के लिए कांवरियों का जत्थे टांडा स्थित सरयू नदी व अयोध्या की तरफ रवाना होने लगे। यह सिलसिला रविवार को भी जारी रहा।
सुबह से ही जिला मुख्यालय व ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर भगवा वस्त्र धारण कर कंधों पर कांवर लिए कांवरियों का जत्थे जाते नजर आए। शुकुलबाजार से प्रभाकर, राजाराम व राघव के नेतृत्व में कांवरियों का जत्था अकबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन से काशी विश्वनाथ के लिए रवाना हो गया। प्रभाकर ने बताया कि वे सभी बीते आठ वर्ष से लगातार काशी विश्वनाथ जा रहे हैं।
उधर रविवार को प्रात: से ही जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजन अर्चन का कार्य शुरू हो गया। मंदिरों में हर हर महादेव व जय शिव शंकर के जयघोष भी गूंजते रहे।
भक्तों ने शिव मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक किया। अकबरपुर नगर के शहजादपुर स्थित शिवालय, पवित्र शिवबाबा, मीरानपुर स्थित शिवालय आदि मंदिरों पर सुबह और व शाम भगवान शिव की विशेष आरती की गई। सावन के पहले सोमवार की तैयारियां एक दिन पूर्व ही श्रद्धालुओं ने पूर्ण कर ली।
शहजादपुर की सत्यवती द्विवेदी व सरोज ने बताया कि वे प्रत्येक सोमवार को व्रत रखती हैं, बताया कि व्रत एवं भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना के लिए उन्होंने आवश्यक तैयारियां व खरीददारी एक दिन पूर्व ही पूर्ण कर ली।