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Ambedkar Nagar News: विपरीत परिस्थितियों में सही दिशा में कदम उठाना जरूरी

Mon, 06 Apr 2026 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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भीटी। क्षेत्र के रुदऊपुर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को प्रह्लाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष और वामन-बली प्रसंग का वर्णन किया गया। प्रवाचक पंडित परमानंद महाराज ने बताया कि कठिन समय में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखना जरूरी है। विपरीत परिस्थितियों में सही दिशा में कदम उठाना जरूरी होता है।
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उन्होंने भक्ति और आस्था की शक्ति को सरल तरीके से समझाया गया। बताया गया कि कठिन परिस्थितियों में भी प्रह्लाद ने अपनी आस्था नहीं छोड़ी। गजेंद्र मोक्ष की कथा में संकट के समय ईश्वर की शरण लेने का महत्व बताया गया। प्रवाचक ने बताया कि राजा बली दान के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी परीक्षा लेने के लिए वामन रूप में भगवान उनके पास पहुंचे। वामन ने तीन पग भूमि मांगी, जिसे देने के लिए बली तैयार हो गए। इसके बाद वामन ने तीन पग में तीनों लोक माप लिए। अंतिम पग के लिए राजा बली ने स्वयं को समर्पित कर दिया। इस दौरान मुख्य यजमान यदुनाथ चतुर्वेदी, अनंत चतुर्वेदी व अन्य उपस्थित रहे।
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जीवन पर पड़ता है संगति का असर

भीटी। क्षेत्र के सझवा में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को प्रह्लाद चरित्र व अजामिल कथा का वर्णन किया गया। प्रवाचक आचार्य संतोष द्विवेदी ने बताया कि संगति का असर जीवन पर पड़ता है। सही या गलत दिशा का चुनाव काफी हद तक साथ रहने वाले लोगों पर निर्भर करता है। विपरीत परिस्थितियों में भी अपने विश्वास को बनाए रखना जरूरी होता है। धैर्य और स्थिरता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जीवन के अंतिम समय में भी सकारात्मक सोच और स्मरण का प्रभाव पड़ता है। संवाद
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