केदारनगर। क्षेत्र के अवसानपुर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का वर्णन किया गया। प्रवाचक चंद्रभूषण पांडेय ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं। इसी क्रम में कृष्ण के जन्म से जुड़ी घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया।
उन्होंने बताया कि देवकी और वसुदेव के विवाह के समय आकाशवाणी हुई थी कि देवकी का आठवां पुत्र कंस के अंत का कारण बनेगा। आकाशवाणी के बाद कंस ने देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया और उनके बच्चों की हत्या कर दी। कथा के दौरान कंस के अत्याचारों और उस समय के हालात का उल्लेख किया गया। प्रवाचक ने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखना जरूरी है। जैसे ही कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पंडाल में भक्ति का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया। पूजा पाठक के नेतृत्व में महिलाओं ने सोहर गीत गाए। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने झूमकर जन्मोत्सव मनाया। पुष्पवर्षा करते हुए आरती भी उतारी गई।