अंबेडकरनगर। जिन दो युवकों से शस्त्र रखने के मामले में रफीगंज चौकी प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की थी, उनका कोई आपराधिक इतिहास ही नहीं मिला है। यहां तक की शस्त्र रखने की बात भी सामने नहीं आई है। यह खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्याम देव की प्रारंभिक जांच में हुआ है। ऐसे में निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।
दरअसल, कटका थाना क्षेत्र के हाफिजपुर गांव निवासी सुबानी और आजमगढ़ निवासी राम अनुज को शस्त्र रखने के मामले में रफीगंज चौकी प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की थी। आरोप था कि पैसे लेने के बाद युवकों को छोड़ दिया। दोनों युवक सऊदी अरब से जल्द घर आए थे। मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने रफीगंज चौकी प्रभारी दिलेश सरोज, उपनिरीक्षक नासिर कुरैशी, सिपाही विजय प्रताप, पंकज को निलंबित कर दिया था। साथ ही पुलिसकर्मियों की प्रारंभिक जांच एएसपी (पूर्वी) श्यामदेव को सौंपी है। एएसपी ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
एएसपी के मुताबिक जांच में पता चला कि दोनों युवक गोविंदसाहब मेला देखने जा रहे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने सूचना पुलिस को दी थी कि दोनों युवक शस्त्र रखे हुए हैं। इस सूचना पर पुलिस कर्मियों ने युवकों को पूछताछ के लिए चौकी बुलाया था। हालाकि जांच में इन युवकों का न तो कोई आपराधिक इतिहास पाया गया और न ही क्रियाकलाप खराब पाए गए। ऐसी दशा में इन युवकों पर अवैध शस्त्र रखने की बात झूठी पाई गई। किसी व्यक्ति ने युवकों को फंसाने के लिए पुलिस को सूचना देकर गुमराह किया था। फोन करने वाले व्यक्ति के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। जल्द ही वह अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपेंगे।
एएसपी ने दर्ज किए दोनों युवकों के बयान
एएसपी ने सोमवार को अपने कार्यालय में दोनों युवकों के बयान दर्ज किए। इस दौरान युवकों ने अपने साथ पुलिस की तरफ से की गई ज्यादती के बारे में बताया। सुबानी ने बताया कि वह 19 जनवरी को फिर सऊदी अरब जाने वाले थे। पुलिस कर्मियों ने बेवजह उन्हें परेशान किया। हालांकि युवकों ने अपने बयान में पुलिसकर्मियों पर पैसा लेने की बात से इन्कार किया है।