अंबेडकरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 राम विलास सिंह की अदालत ने जहांगीरगंज थाक्षेत्र के लखनडीह गांव में हुए मारपीट के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने गोपाल उर्फ रामगोपाल और उसके पुत्र शिवकुमार को दो-दो साल की सजा सुनाई। हालांकि जानलेवा हमले के आरोप से दोनों को बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार 11 जून 2017 को लखनडीह गांव की कमलेश जायसवाल ने जहांगीरगंज में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पति गणेश जायसवाल को पट्टीदार गोपाल, शिवकुमार और अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे व लोहे की रॉड से हमला कर घायल कर दिया था। बीच-बचाव करने पहुंची कमलेश की भी पिटाई की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि घायल पक्ष को आई चोटें साधारण प्रकृति की थीं और कोई भी चोट प्राणघातक नहीं थी। इसी आधार पर अदालत ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास के आरोप को साबित न मानते हुए दोनों आरोपियों को इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कारावास की सजा सुनाने के साथ चार-चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।