अंबेडकरनगर। जिले में शनिवार रात विभिन्न स्थानों पर रामलीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। कहीं भरत मिलाप और राम-केवट संवाद ने लोगों का मन मोहा, तो कहीं शूर्पणखा की नाक काटने, खर-दूषण वध, सीता हरण और जटायु-रावण युद्ध का मंचन हुआ।
अकबरपुर के शहजादपुर में 122 वर्ष पुरानी सतगुरु कृपा रामलीला में भरत द्वारा भगवान राम को अयोध्या लौटने के लिए मनाने और राम-केवट संवाद का मंचन किया गया। वहीं, इल्तिफातगंज मार्ग पर राम-सुग्रीव मित्रता, सीता की खोज और सीताहरण के प्रसंग प्रस्तुत किए गए।
जलालपुर संवाद के अनुसार, नगर के रामलीला मैदान में श्रीरामलीला सेवा समिति की ओर से भरत मिलाप, पंचवटी, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु उद्धार का मंचन किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि शूर्पणखा के विवाह प्रस्ताव को ठुकराए जाने और सीता पर आक्रमण करने के बाद लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं। इसके बाद कथा सीता हरण और जटायु उद्धार की ओर बढ़ती है।
विद्युतनगर संवाद के अनुसार, टांडा के कस्बा मोहल्ले में श्रीराम-कृष्ण लीला समिति की रामलीला में शूर्पणखा की नाक काटने, खर-दूषण वध और मारीच के स्वर्ण मृग बनने के दृश्य दिखाए गए। स्वर्ण मृग के पीछे राम के जाने पर लक्ष्मण भी कुटिया से दूर चले जाते हैं। इसी बीच रावण साधु का वेश धारण कर सीता के पास पहुंचता है और उनका हरण कर लेता है। सीता को बचाने के लिए जटायु रावण से युद्ध करता है। समिति अध्यक्ष विजेंद्र तिवारी, महामंत्री हर्षवर्धन तिवारी और निर्देशक रामकरण मौर्य ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की।
भक्ति गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल
अशरफपुर किछौछा में रामलीला के सातवें दिन शूर्पणखा प्रसंग का मंचन हुआ। भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों के बीच कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। उधर, किछौछा बाजार में दुर्गापूजा के लिए पंडाल निर्माण समेत अन्य तैयारियां शुरू हो गई हैं। जमुनीपुर संवाद के अनुसार, फतेहपुर अरिया बाजार में नवीन कला मंडल की ओर से सीता हरण का मंचन किया गया। कलाकारों ने मारीच के स्वर्ण मृग बनने, राम-लक्ष्मण के कुटिया से दूर जाने और रावण के छलपूर्वक सीता का हरण करने के प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
जलालपुर के रामलीला मैदान में शनिवार रात आयोजित रामलीला का दृश्य।संवाद
जलालपुर के रामलीला मैदान में शनिवार रात आयोजित रामलीला का दृश्य।संवाद