अंबेडकरनगर। भीषण गर्मी के दौरान इस समय विद्युत संकट से जिला मुख्यालय के उपभोक्ताओं में त्राहि-त्राहि मची हुई है। जरूरी उपकरणों के अभाव में टाउन और मरैला फीडर अकसर जवाब दे जा रहे है। नतीजा यह है कि मरैला फीडर से देर रात तक जहां 5 घंटे बिना बिजली के उपभोक्ता बेहाल रहे, वहीं मीरानपुर समेत आसपास के क्षेत्र की लगभग 15 हजार आबादी बिजली न मिलने से परेशान रही। इस बीच मरैला उपकेंद्र से व्यवस्था को लेकर लापरवाह बने 4 संविदा कर्मियों को हटाने की संस्तुति अधिशाषी अभियंता ने कर दी है।
गर्मी के दौर में जिला मुख्यालय पर विद्युत आपूर्ति का जबरदस्त संकट उत्पन्न हो गया है। मुख्यालय वाले समूचे अकबरपुर नगर को टाउन और मरैला उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। टाउन उपकेंद्र से जुड़े इलाकों मीरानपुर, मुरादाबाद, तमसा मार्ग और इंद्रलोक कॉलोनी आदि में भी आपूर्ति का संकट जर्जर तारों और ट्रांसफार्मर के चलते अकसर होता रहता है, लेकिन मरैला उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं का हाल ज्यादा बेहाल है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उपकेंद्र जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर है। ऐसे में वहां से शहर तक की लंबी लाइन अकसर वाहनों द्वारा खंभे या तार तोड़ दिए जाने से बाधित होती रहती है। उपकेंद्र के जर्जर उपकरण और भी मुसीबत खड़ी कर रहे हैं।
इन्हीं जर्जर उपकरणों के चलते मरैला उपकेंद्र से सोमवार को दोपहर बाद 4 बजे आपूर्ति ठप हो गई। कुछ देर तो जैसे-तैसे बीत गया लेकिन एक घंटे तक बिजली न आने पर मुसीबत बढ़ने लगी। पता चला कि उपकेंद्र में लगा रिले उपकरण खराब हो गया है। उसे बनाने में 6 घंटे लग गए। रात करीब 10 बजे बिजली आई, लेकिन आधी रात तक आवाजाही लगी रही। इसके बाद ही बिजली टिक पाई। इससे पहले लगभग 6 घंटे तक बिजली न रहने से भीषण गर्मी में उपभोक्ता परेशान रहे। तमाम घरों और दुकानों में इनवर्टर तक जवाब दे गए, क्योंकि पिछले कई दिन से ऐसे ही हालात के चलते इनवर्टर सेट का चार्ज हो पाना संभव नहीं हो पाया। नतीजा यह हुआ कि सैकड़ों घरों में अंधेरा छाया रहा।
लापरवाह चार कर्मियों को हटाने की संस्तुति
अंबेडकरनगर। विद्युत उपकेंद्र मरैला में लापरवाही बरतने को लेकर चार संविदा कर्मियों पर गाज गिरी है। अधिशाषी अभियंता ने उन्हें हटाए जाने की संस्तुति कर दी है। बीते दिन मरैला फीडर में गड़बड़ी आने पर अधिशासी अभियंता वीके पटेल खुद वहां पहुंच गए। इससे पहले भी एक दिन अचानक गए थे। उन्होंने पाया कि कर्मचारी जिम्मेदारी का ठीक से पालन नहीं कर रहे हैं। इस पर संविदा कर्मी विवेक उपाध्याय, अरविंद कुमार, कमलेश और सुधीर को मरैला उपकेंद्र से हटाए जाने का निर्णय ले लिया। उन्होंने बताया कि चारों कर्मचारी काम को लेकर अक्षम हैं। उनकी अक्षमता के चलते दिक्कतें आती रहतीं हैं। इस कारण यह निर्णय लिया गया है।
उधर बिजली गायब, इधर फोन बंद
एक तरफ शासन जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ा रहा तो दूसरी तरफ यहां बिजली जाते ही फोन बंद कर लेने या फिर न उठाने की आदत ज्यादातर कर्मचारियों और कुछ अधिकारियों ने बना ली है। सोमवार को भी यही हुआ। अधिशाषी अभियंता वीके पटेल जरूर बीच-बीच में कुछ कुछ देर मोर्चा संभालते रहे, लेकिन एसडीओ, जेई से लेकर लाइनमैन और उपकेंद्र के एसएसओ का रवैया जिम्मेदाराना भरा नहीं रहा। इसे लेकर नागरिकों ने कड़ी नाराजगी भी जताई।
किए जा रहे प्रयास
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गड़बड़ी की जानकारी होते ही मैं स्वयं मौके पर पहुंच रहा हूं। इससे काम तेजी से हो रहा है
-वीके पटेल, अधिशासी अभियंता