टांडा। बहुचर्चित जुरगाम मेंहदी व उनके चालक शुभनीत यादव हत्याकांड मामले में फरार 50 हजार की इनामी महिला ने पुलिस को चकमा देते हुए अपर जिला जज प्रथम न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर जेल की राह पकड़ ली। पुलिस को आरोपी महिला की लंबे समय से तलाश थी। उसकी धरपकड़ के लिए न सिर्फ अंबेडकरनगर, बल्कि दूसरे जनपदों व प्रांतों में पुलिस छापा मार चुकी थी।
15 अक्तूबर 2018 को हंसवर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े बसपा नेता जुरगाम मेंहदी व उनके चालक शुभनीत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माफिया सरगना खान मुबारक व जफर सुपारी समेत दो दर्जन से अधिक लोगों को नामजद किया गया था। खान मुबारक व जफर पहले से ही जेल में निरुद्ध हैं। अन्य आरोपियों ने या तो आत्मसमर्पण कर दिया था या फिर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हालांकि इस मामले में नामजद परवेज व उसकी पत्नी रुबीना निवासी मखदूमनगर थाना अलीगंज फरार चल रहे थे। पुलिस को इन दोनों की तलाश थी। बाद में परवेज पर एक लाख, जबकि रुबीना पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इस बीच बीती 6 जून को एसटीएफ ने परवेज को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से ही उसकी पत्नी रुबीना पर दबाव बनाया जाने लगा। इस बीच बीते दिन रुबीना ने पुलिस को चकमा देते हुए अपर जिला जज प्रथम न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और जेल की राह पकड़ ली।