आलापुर। स्वास्थ्य विभाग ने आखिरकार पांच साल से अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक पर कार्रवाई की है। सिंहपुर गोहिला में चलाए गए अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक क्लीनिक को सील कर दिया। इस कार्रवाई में क्लीनिक से बड़ी मात्रा में दवाएं, बीपी मशीन, ड्रिप स्टैंड और अन्य चिकित्सकीय उपकरण जब्त किए गए हैं।
अवैध रूप से संचालित क्लीनिक की शिकायतें मिलने के बाद सीएचसी बसखारी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार, सीएचसी रामनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष राय, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक बसखारी कमलेश कुमार और विनोद कुमार की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। क्लीनिक की संचालिका किरन गुप्ता से पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके बाद टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया और एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का नोटिस जारी किया। विभाग का दावा है कि बीते पांच साल से यह क्लीनिक बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था, और स्वास्थ्य विभाग की नजर तब पड़ी जब मामला सार्वजनिक हुआ। पिछले कुछ महीनों में निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई मौतों की घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया था। इसके बावजूद अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों की संख्या चिंताजनक बनी हुई है, जो विभाग की सुस्ती और प्रभावी निगरानी की कमी को दर्शाता है। एसीएमओ डॉ. उदयचंद्र यादव ने कहा है कि जिले में बिना पंजीकरण के किसी भी अस्पताल, क्लीनिक या मेडिकल स्टोर का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के विपरीत चल रहे संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, यह कार्रवाई विभाग के पांच साल के विलंब को देखते हुए सवालों के घेरे में है।