इस पर अंकुश के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। जिस तरह भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री की जा रही है, उससे कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। जिन्हें लाइसेंस मिला भी है उसमें कुछ के गोदाम भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। इन गोदामों के पास सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं किए गए हैं।
दीपावली पर्व नजदीक आते ही जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी बड़ी बाजारों में जगह-जगह पटाखों की दुकानें सज जाती हैं। इनमें दुकानों में कुछ के ही पास पटाखा बिक्री का लाइसेंस होता है। दीपावली पर्व से इतर वर्ष भर आतिशबाजी का कारोबार करने के लिए जिले में महज 13 दुकानदारों को लाइसेंस प्राप्त है।
इनमें अजीत कुमार खत्री निवासी शहजादपुर, इसरार हुसैन दलालटोला जलालपुर, अब्दुल जब्बार निवासी हरियाकला भीटी, मोहम्मद सिद्दीक निवासी अन्नावा बाजार, मोहम्मद नसीम निवासी ऐनवां, फिरोज अहमद निवासी ऐनवां, ऐनुलहक नवासी मखदूमनगर, विवेकानंद निवासी ईश्वरनगर इल्तिफातगंज, अयाज अहमद निवासी ऐनवा, अवधेश कुमार कसौधन शहजादपुर, रहमत अली निवासी रामपुर जयसिंह बेवाना, इब्राहिम निवासी विश्रामपुर बेवाना व मोअज्जम निवासी शहजादपुर शामिल हैं।
जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी बड़ी बाजारों में दो दर्जन से अधिक दुकानदार पूरे साल पटाखों की बिक्री करते रहते हैं। कई दुकानदारों के गोदाम भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हैं। इनके पास सुरक्षा व्यवस्था की भी कोई व्यवस्था भी नहीं की गई है। इनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
ऐसे दुकानदारों के विरुद्ध लंबे समय से कोई अभियान नहीं चलाया जा सका है। यह संयोग ही है कि अब तक जिले में बगैर लाइसेंस कारोबार करने वालों के साथ कोई हादसा नहीं हुआ है।