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जिला अस्पताल में भर्ती होना है, तो साथ में रेगुलेटर लेकर जाएं

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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में इलाज कराना है, तो पहले अपने साथ एक रेगुलेटर लेकर जाएं। यदि नहीं ले जाएंगे, तो फिर बाद में बाहर से खरीदना पड़ेगा। कारण यह कि जिला अस्पताल में तमाम दावों के बावजूद रेगुलेटर की कमी हो गई है। मौजूदा समय में मात्र 28 रेगुलेटर ही हैं, जिनका प्रयोग मरीज कर रहे हैं। ऐेसे में इसके अतिरिक्त जो भी मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, उन्हें बाहर से रेगुलेटर खरीदकर लाना पड़ता है। ऐसे में जिला अस्पताल को मौजूदा समय में लगभग 50 रेगुलेटर की आवश्यकता है। ऐसे में सांस की समस्या वाले मरीज को भर्ती कराने से पहले तीमारदारों को बाहर से अधिक दाम पर रेगुलेटर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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जिले में कोरोना संकट के बीच अब जिला अस्पताल में रेगुलेटर का भी टोटा हो गया है। अस्पताल प्रशासन के दावे के अनुसार ऑक्सीजन तो पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन रेगुलेटर की लगातार कमी होती जा रही है। मौजूदा समय में 28 रेगुलेटर हैं, जो मरीजों के प्रयोग में हैं। ऐसे में नए मरीज को भर्ती करने से पहले उसे रेगुलेटर लेकर आना पड़ता है। नतीजा यह है कि मरीज को भर्ती कराने से पहले तीमारदार को बाहर से रेगुलेटर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रविवार को बेवाना थाना क्षेत्र निवासी भीमकुमार की तबीयत बिगड़ने पर उसे तीमारदारों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि भीमकुमार को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यहां पता चला कि ऑक्सीजन तो है, लेकिन रेगुलेटर नहीं है। इस पर बाहर से रेगुलेटर खरीदने गए, तो वहां पता चला कि रेगुलेटर के साथ सिलेंडर भी खरीदना पड़ेगा। मजबूरन रेगुलेटर के साथ छोटा सिलेंडर भी लेना पड़ा। बताते चलें कि मेडिकल स्टोर पर मौजूदा समय में लगभग 1400 रुपये में रेगुलेटर मिल रहा है।
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शासन को भेजा गया पत्र
बेड के अनुसार कुल 28 रेगुलेटर जिला अस्पताल में हैं, जिनका प्रयोग लगातार किया जा रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व मातृ शिशु विंग टांडा में बेड मरीजों से फुल होने के चलते जिला अस्पताल से मरीज रेफर नहीं हो रहे हैं, जिसके चलते रेगुलेटर की कमी हो रही है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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-डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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