अंबेडकरनगर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उज्जवला योजना जिले में औंधे मुंह गिरी है। लगातार बढ़ते रसोई गैस के दाम के चलते योजना के ज्यादातर लाभार्थी चूल्हे पर ही खाना बनाने को मजबूर हैं। जिले में एक लाख 42 हजार 893 पात्रों का चयन किया गया था। इन सभी को निशुल्क गैस सिलेंडर व चूल्हा उपलब्ध कराया गया। उस समय तो पात्रों के चेहरे खिल उठे थे कि अब उन्हें चूल्हे पर खाना बनाने से राहत मिलेगी, लेकिन जैसे-जैसे रसोई गैस के दाम में वृद्धि होती गई, पात्रों का योजना के प्रति आकर्षण भी कम होने लगा। नतीजा यह है कि मौजूदा समय में ज्यादातर पात्र रसोई गैस चूल्हे पर खाना न बनाकर चूल्हे पर बनाने को मजबूर हैं।
चूल्हे पर खाना बनाने से महिलाओं को छुटकारा मिल सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से उज्जवला योजना का संचालन किया गया था। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशुल्क रसोई गैस सिलेंडर व चूल्हा उपलब्ध कराया गया था। उस समय योजना का लाभ पाने वालों के चेहरे खिल उठे थे। लगा कि अब उन्हें चूल्हे पर खाना बनाने से राहत मिल जाएगी। हालांकि जैसे-जैसे समय बीतता गया और गैस सिलेंडर का दाम बढ़ता गया, तो आर्थिक समस्या से जूझ रहे संबंधित परिवार के समक्ष सिलेंडर की रिफिलिंग कराने की बड़ी समस्या खड़ी होने लगी। नतीजा यह रहा कि ज्यादातर ने इससे दूरी बना ली और एक बार फिर से चूल्हे पर ही खाना बनाने को मजबूर होने लगे।
महंगाई से नहीं भरवा रहे सिलेंडर
उज्जवला योजना से आच्छादित परिवारों से अमर उजाला प्रतिनिधियों ने वार्ता की, तो उनका दर्द छलक उठा। ज्यादातर ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के चलते ही उनकी हिम्मत सिलेंडर की रिफिलिंग कराने की नहीं है। जलालपुर क्षेत्र की पाभीपुर निवासी शशिकला ने कहा कि आर्थिक मुश्किल व बढ़ती महंगाई के चलते बीते एक वर्ष से उसने गैस सिलेंडर में गैस नहीं भरवाई है। पाभीपुर की ही पार्वती देवी ने कहा कि उज्जवला योजना के तहत उसने रसोई गैस कनेक्शन लिया था। शुरुआत में तो किसी प्रकार से रिफिलिंग कराई, लेकिन जब लगातार गैस के दाम में वृद्धि होने लगी, तो उसकी हिम्मत जवाब दे गई। ऐसे में दो वर्ष हो गए, उसने सिलेंडर की रिफिलिंग नहीं कराई है। उकरा निवासी पूनम राजभर ने कहा कि लगभग तीन माह से उसने सिलेंडर की रिफिलिंग नहीं कराई। कारण यह कि रसोई गैस के दाम में आए दिन वृद्धि हो रही है। अकबरपुर की फूलकुमारी व इंद्रावती ने कहा कि तीन वर्ष पूर्व उन्होंने रसोई गैस कनेक्शन लिया था। बीते लगभग डेढ़ वर्ष से महंगाई के चलते उसने सिलेंडर रिफिलिंग नहीं कराया है। मजबूरन अब चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है।
लाभार्थी नहीं करा रहे रिफिलिंग
सैनिक गैस एजेंसी प्रभारी रामपाल यादव ने बताया कि योजना के कुल 3 हजार 467 कनेक्शन हैं। 70 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने 4 माह से अधिक समय से रिफिलिंग नहीं कराई है। नारायन गैस सर्विस मकरहीं के प्रोपराइटर बजरंग सिंह ने बताया कि योजना के तहत 3200 ने कनेक्शन लिया है। 75 प्रतिशत लाभार्थियों ने लंबे समय रिफिलिंग नहीं कराई है। इंडियन गैस एजेंसी जलालपुर में योजना के 2398 गैस कनेक्शन हैं। 50 प्रतिशत लाभार्थियों ने लंबे समय से गैस नहीं भरवाई है। एचपी गैस सर्विस जहांगीरगंज में 700 कनेक्शन हैं। 500 से अधिक लाभार्थी रिफिलिंग नहीं करा रहे है।
किया जा रहा जागरूक
उज्जवला योजना के तहत जिनके कनेक्शन हैं और लंबे समय से रिफिलिंग नहीं कराई है, उन्हें इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा कि चूल्हे पर खाना बनाने से प्रदूषण के साथ ही उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
- राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी