विभिन्न मांगों को लेकर निशक्तों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। कहा गया कि निशक्तों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनकी समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है। चेतावनी दी गई कि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में निशक्त कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए। दूधनाथ व राजकुमार ने कहा कि उन्हें 300 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है, जो कि महंगाई के अनुसार काफी कम है। उन्होंने इसे बढ़ाकर एक हजार रुपये किए जाने की मांग की। निशक्तों का विवाह होने पर उन्हें 60 हजार से 1 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाए।
किसी निशक्त की पुत्री का विवाह होता है, तो उसे 1 लाख रुपये का अनुदान दिया जाए। सभी निशक्तों को पक्के आवास का लाभ दिए जाने के साथ ही बीपीएल व अन्त्योदय कार्डधारकों से भी कम दर में अनाज उपलब्ध कराया जाए। वक्ताओं ने कहा कि निशक्तों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है। अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चेतावनी दी गई कि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो कलक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। इस दौरान छोटेलाल, रामप्रकाश, रामनवल, अशोक कुमार, रामउजागिर आदि मौजूद रहे।