अंबेडकरनगर। दहेज उत्पीड़न और विवाहिता को प्रताड़ित करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने शुक्रवार को पति समेत चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अहिरौली के खेड़वा जरूखा निवासी दीपशिखा ने 31 अक्तूबर 2022 को पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उनकी शादी अरविंद त्रिपाठी निवासी इस्माइलपुर वेल्दहा के साथ हुई थी। पति, ससुर शिवपूजन, सास विंध्यवासिनी और ननद नेहा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और स्त्रीधन हड़पने का आरोप लगाया था। पीड़िता का आरोप था कि विवाह के बाद ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग की जाती थी। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। सुनवाई पूरी होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पति अरविंद, ससुर शिवपूजन, सास विंध्यवासिनी तथा ननद नेहा को दोषी करार दिया। न्यायालय ने सभी दोषियों को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 15500 रुपये अर्थदंड भी लगाया।