अंबेडकरनगर। दहेज के लिए उत्पीडन व गैर इरादतन हत्या के आरोपी पति को दस व सास को सात वर्ष के कारावास की सजा अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने सुनाया है। आरोपियों पर अलग अलग धाराओं में 15 हजार व 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
टांडा कोतवाली क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ला निवासी फिरोज अहमद ने वर्ष 2015 में बसखारी थाने में एक केस दर्ज कराया। बताया कि उसकी बहन शबनम की शादी मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार बसखारी थाना क्षेत्र के किछौछा निवासी मोहम्मद गजाली के साथ हुई थी। शादी के बाद से उसकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। कुछ माह बाद पति मोहम्मद गजाली व सास हारुना उर्फ कोयली ने मिलकर उसकी बहन की हत्या कर दी। उस समय उसकी बहन गर्भवती भी थी। पुलिस ने मामले में दहेज उत्पीड़न व गैर इरादतन हत्या आदि की धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा।
इस बीच मामला सत्र परीक्षण के लिए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अभिषेक कुमार श्रीवास्तव के समक्ष पेश हुआ। सहायक शासकीय अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की तरफ से कई जरूरी साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किया। अपर सत्र न्यायाधीश ने इसके आधार पर गैर इरादतन हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया।
अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा आरोपी सास को दहेज उत्पीड़न की धारा में दोषी पाते हुए 7 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित करते हुए 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। आदेश में कहा कि जुर्माने की रकम की 50 प्रतिशत धनराशि महिला के भाई वादी मुकदमा को प्रदान किया जाए। यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो 3-3 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।