अंबेडकरनगर। विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ में चंदे का विवाद प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। वर्षों से चले आ रहे इस विवाद को निपटाने के लिए स्थायी प्रयास या फिर बड़ों पर कार्रवाई की बजाय अकसर सिर्फ समझौता कराने तक प्रशासन का फोकस दिखता है। कार्रवाई यदा-कदा हुई तो सिर्फ प्यादों या फिर आम लोगों तक ही सीमित रह जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें कुछ सफेदपोश भी शामिल हैं। उनके दखल के चलते ही प्रशासन कड़े फैसले नहीं ले पा रहा है। इसके चलते ही आम लोगों में आशंका है कि चंदे का यह विवाद किछौछा में कभी भी बड़ा रूप ले सकता है।
विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ में चंदे का विवाद कोई नया नहीं है। प्रशासन की चौखट से होता हुआ यह मामला न्यायालय तक जा चुका है। इसके बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अलग-अलग पक्ष जायरीन से मिलने वाले चंदे तथा अन्य सुविधाओं के लिए अकसर आमने सामने आते रहते हैं। इससे कई बार पवित्र किछौछा दरगाह क्षेत्र में तनाव व विवाद की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। इस पर कड़ा एक्शन लेने तथा विवादों पर अंकुश लगाने की बजाय बीते वर्षों में प्रशासन का रवैया भी टालमटोल वाला ही रहा है।
इसी के चलते जिस दरगाह क्षेत्र की ख्याति विश्व के तमाम देशों तक फैली हुई है, वहां चंदे की वसूली को लेकर टकराव को रोका नहीं जा पा रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का रुख अकसर ऐसे विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने तक सीमित रह जाता है। इससे तात्कालिक तौर पर तो मसला हल हो जाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से नया विवाद जन्म ले लेता है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन यदि ऐसे विवाद में जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय करे तो बात बन सकती है। लेकिन ऐसा करने की बजाय वह सिर्फ दोनों पक्ष के जिम्मेदार लोगों के समर्थकों पर ही कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लेता है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस व प्रशासन इसलिए भी कड़ी कार्रवाई से बचता नजर आता है। क्योंकि कुछ सफेदपोश भी इस प्रकरण में शामिल रहते हैं। ऐसे ही एक सफेदपोश को अकसर अधिकारियों के कार्यालय व आवास पर देखा जाता है। नागरिकों के अनुसार वह अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास करता रहता है। किछौछा के कई नागरिकों का कहना है कि ऐसे सफेदपोशों पर जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक किछौछा दरगाह शरीफ में विवाद की स्थिति बनी रहेगी। नागरिकों ने यह भी चिंता जताई कि यदि बड़ों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चंदे का यह विवाद किछौछा में कभी भी बड़ा रूप ले सकता है। उधर, एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि सख्त कार्रवाई कराई जा रही है। प्रशासन पर कोई दबाव नहीं है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे भी एक्शन होगा।