अंबेडकरनगर। बुधवार को जिले में मौसम ने एक बार फिर से गर्मी का प्रकोप बढ़ा दिया। दिनभर तेज धूप और तापमान में वृद्धि के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हुआ। अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इस असहनीय गर्मी ने न केवल सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर भी असर दिखा।
तेज धूप और गर्मी के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकांश दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान में पंखे और कूलर चला रखे थे, लेकिन फिर भी ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई। केवल आवश्यक वस्तुएं खरीदने आए लोग ही दुकानों पर नजर आए। ज्वेलरी, कपड़े और अन्य रिटेल व्यवसायों में भी सामान्य दिनों की तुलना में व्यापार में गिरावट देखी गई। हालांकि, ठंडे पेय पदार्थ और पानी की दुकानों पर भीड़ दिखाई दी। इस बढ़ते तापमान ने व्यापारी वर्ग को भी चिंता में डाल दिया है, क्योंकि यह उनकी आय पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
बुधवार को स्कूलों में भी गर्मी का प्रभाव देखा गया। बढ़ते तापमान के कारण कई स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में गिरावट आई। बच्चे गर्मी के कारण परेशान नजर आए और कुछ बच्चों को चक्कर आना और थकावट महसूस होने की शिकायतें आई। स्कूल प्रशासन ने स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों को अधिक पानी पीने और गर्मी से बचने की सलाह दी। बढ़ते तापमान के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। चिकित्सकों ने लू के हमले और डिहाइड्रेशन के मामलों में वृद्धि की संभावना जताई है। तेज गर्मी के कारण लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में बंद रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अधिक से अधिक पानी पीएं और गर्मी से बचने के लिए हल्के रंग के कपड़े पहनें। गर्मी का असर सड़कों पर भी दिखा। दिन के समय सड़कों पर कम संख्या में वाहन नजर आए। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और अधिक गर्मी की चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा कि तापमान में वृद्धि जारी रह सकती है, और अगले कुछ दिनों में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। जिला प्रशासन ने भी सार्वजनिक स्थलों पर पानी की व्यवस्था को बढ़ाने और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
फसलों पर पड़ रहा है मौसम का असर
लगातार पड़ रही आग बरसाने वाली धूप और गर्मी से आमजन ही नहीं फसलों पर भी इसका असर पड़ रहा है। खेतों में सब्जियों, मेंथा ऑयल, मवेशियों के हरे चारे के साथ ही फसलों पर इसका असर पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र पाती के अध्यक्ष व वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि मौसम के कारण असर पड़ रहा है। इससे फसलों की वृद्धि, विकास में रुकावट हो जाती है। इसके साथ उत्पादन और उत्पादकता भी प्रभावित होती है। वहीं, गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
पार्क में नहीं दिखी भीड, झूले खाली
अकबरपुर का राजकीय पार्क हर रोज लोगों से गुलजार रहता था। बच्चों के लिए लगे झूलों में सुबह से ही भीड़ रहती थी। लोग अपने परिवार के साथ यहां पर आकर सुकून के पल गुजारते हैं, लेकिन इन दिनों यहां पर भीड़ कम हो गई। तेज धूप और गर्म हवाओं के साथ लोग परेशान हैं। बच्चों के झूले खाली रहते हैं। दोपहर में पार्क में अब सन्नाटा पसरा रहता है।