अंबेडकरनगर। जब जिला अस्पताल जैसी जगह पर ही स्वच्छता मुहिम की धज्जियां उड़ने लगें तो हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। शासन भले ही लाखों रुपए जिला अस्पताल को साफ-सुथरा रखने के लिए खर्च करता हो, लेकिन यहां कोई खास असर नहीं दिख रहा है। भवन के अंदर तो स्थिति कुछ हद तक ठीक है, लेकिन परिसर में पसरी गंदगी की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मनमानी की आलम यह कि जिला अस्पताल से निकलने वाले कचरे का स्थायी निस्तारण होने की बजाए उसे तीमारदारों के लिए बने रैन बसेरे के पीछे फेंक दिया जाता है। इससे उठने वाली दुर्गंध अस्पताल आने वाले मरीजों व तीमारदारों को अक्सर असहज करती रहती है।
बताते चलें कि जिला अस्पताल में साफ सफाई के नाम पर सरकार मोटी रकम खर्च करती है। स्वच्छता अभियान सरकार की प्रमुख योजनाओं में शुमार भी है। तमाम जागरूकता अभियान भी आम नागरिकों के लिए चलाए जाते हैं, लेकिन इसका असर जिला अस्पताल प्रशासन पर पड़ता नहीं दिख रहा है। जिस अस्पताल परिसर में गंदगी का नामोनिशान नहीं होना चाहिए, वहां परिसर में ही कूड़ा डंप किया जा रहा है। अस्पताल में सफाई का जिम्मा उठा रहे कर्मचारी अस्पताल से निकलने वाले कचरे को मनमाने तरीक से तीमारदारों के लिए बने रैने बसेरे के पीछे डाल रहे हैं। यह सिलसिला एक दो दिन का नही है, बल्कि लम्बे समय से कर्मचारी यहां पर कूड़े का निस्तारण कर रहे हैं। अस्पताल परिसर में ही डाले जा रहे इस कूड़े से उठने वाली दुर्गंध कई बार अस्पताल आने वाले नागरिकों को असहज कर देती है। इतना ही नही रैन बसेरे में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा मुश्किल होती है।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी जिलाध्यक्ष रवीश शुक्ल ने जिला अस्पताल प्रशासन की इस उदासीनता पर गहरी नाराजगी जाहिर की। कहा कि एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत बनाने का ढिंढोरा पीटती है, दूसरी तरफ जिला अस्पताल को ही स्वच्छ रखने की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। संक्रमण से बढ़ रहे खतरों के बीच सरकार को अविलंब जिला अस्पताल से निकले वाले कचरे के स्थायी निस्तारण के लिए संयंत्र की स्थापना करनी चाहिए। यदि इसी तरह मनमाने तरीके से कचरे का निस्तारण होता रहा तो एक दिन जिला अस्पताल ही संक्रमण फैलाने का केन्द्र बन जाएगा। अस्पताल परिसर का वातावरण स्वच्छ एंव साफ सुंदर होना चाहिए। बसखारी रोड के धावा निवासी रवि सिंह ने भी अस्पताल प्रशासन की इस उदासीनता पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि अस्पताल प्रशासन को साफ सफाई को लेकर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
अस्पताल परिसर के अंदर व बाहर सभी जगह सफाई रखने के निर्देश हैं। कूड़ा निस्तारण के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का भी प्रयास चल रहा है। फिलहाल यदि कहीं मनमाने तरीके से कूड़ा फेंका जा रहा होगा तो उसे तत्काल रुकवाया जाएगा।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ