रंगों के पर्व होली की पूर्व संध्या पर रविवार को विधिविधान पूर्वक होलिका दहन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। बाद में जलती हुई होलिका में जौ सेंककर लोग उसे अपने-अपने घर ले गए। मान्यता है कि इसे घर में रखने पर दरिद्रता दूर होती है।
जिले में होलिका दहन को लेकर भारी उल्लास का माहौल दिखा। शुभ मुहूर्त देर शाम साढ़े आठ बजे के बाद अकबरपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह विधिविधान पूर्वक होलिका दहन किया गया। पुजारी के मंत्रोच्चार के बाद होलिका में जब आग लगाई गई तो भगवान के जयकारे से समूचा वातावरण गूंज उठा।
तमाम लोगों ने उपले से बने सूर्य व चंद्रमा के प्रतीक को होलिका में जलाया। साथ ही जौ को भी आग में सेंका। मान्यता है कि सूर्य व चंद्रमा के प्रतीक को जलाने पर वर्ष भर शरीर रोग मुक्त रहता है तथा अधजली जौ घर में रखने से दरिद्रता दूर होती है। होलिका दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की बधाई दी। साथ ही अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की खुशियां एक-दूसरे में बांटी।
अकबरपुर नगर में फव्वारा तिराहा, शहजादपुर चौक, पुराने तहसील तिराहा, फैजाबाद रोड, मालीपुर चौराहा, मुरादाबाद, रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन क्षेत्र तथा पटेलनगर चौराहा पर परंपरागत ढंग से होलिका दहन किया गया। इसके अलावा जलालपुर, टांडा, आलापुर व भीटी तहसील क्षेत्र में भी होलिका दहन विधिविधान पूर्वक किया गया।