हंसवर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र हीरापुर बाजार इन दिनों अतिक्रमण और अव्यवस्था की समस्या से जूझ रहा है। रविवार सुबह लगे लंबे जाम ने राहगीरों को घंटों परेशान किया। करीब पांच हजार की आबादी वाले क्षेत्र के लिए यही मुख्य बाजार है, जहां लगभग 150 दुकानें संचालित होती हैं। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं, जिससे बाजार में लगातार भीड़ बनी रहती है।
बाजार में दुकानों के सामने फैले स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण, साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, जलभराव और अवरुद्ध आवागमन जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। खरीदारों को खरीदारी के दौरान कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रविवार होने के बावजूद बाजार में भीड़ अधिक रही और जाम से हालात बिगड़ गए। हीरापुर बाजार के आसपास एक डिग्री कॉलेज, दो इंटर कॉलेज और तीन स्कूल स्थित हैं। शाम को स्कूल छुट्टी होते ही बाजार में जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। टांडा–हंसवर मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां वाहनों का दबाव पहले ही अधिक रहता है, जिस पर अतिक्रमण ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
बाजार के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे बदबू और गंदगी से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव के कारण महिलाओं और बुजुर्गों का आवागमन भी बाधित हो जाता है। वहीं पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की कमी भी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। दुकानदार दिलीप चौबे, बृजेंद्र बहादुर सिंह और दुर्गेश यादव ने बताया कि यदि अतिक्रमण हटवा दिया जाए तो न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि कारोबार में भी वृद्धि होगी। जाम और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बाजार में एक चेकिंग प्वाइंट बनाया गया है तथा दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाती है, लेकिन अतिक्रमण और भीड़भाड़ के कारण वे भी जाम हटवाने में असहाय नजर आते हैं।
जाम की समस्या बनी रहती
बाजार में अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। इसके लिए कई बार अभियान चलाया गया है। दोबारा अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगातार लगाई जा रही है।
वीरेंद्र बहादुर सिंह, कोतवाल