टांडा-कलवारी पुल में आयी तकनीकी खराबी के बाद बैरीकेडिंग कर रोके गए भारी वाहन।
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सरयू नदी पर बने टांडा-कलवारी पुल के पिलर संख्या 5 व 6 के बीच शनिवार देर रात तकनीकी गड़बड़ी आ गई। जानकारी होने पर संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डीएम के निर्देश पर आननफानन में पुलिस ने पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी। रविवार दोपहर बाद लखनऊ से पहुंची तकनीकी टीम ने गड़बड़ी का जायजा लिया।
देर शाम तक खराबी को दूर नहीं की जा सकी थी जिससे मात्र छोटे वाहनों का ही आवागमन जारी रह सका। अंबेडकरनगर से कई जनपदों को जोड़ने के लिए सरयू नदी पर टांडा-कलवारी पुल का निर्माण कराया गया है। शनिवार देर रात अचानक पिलर संख्या 5 व 6 के बीच जोड़ पर लगा स्ट्रिप सील (रबर) टूटकर लटक गया। इससे दोनों पिलर के बीच लगभग चार इंच का गैप हो गया।
उधर से गुजर रहे कुछ लोगों ने जब दोनों पिलर के बीच गैप देखी तो उनमें सनसनी फैल गई। इसकी जानकारी होते ही रात में पुलिस व प्रशासनिक अमला पुल पर पहुंच गया। दरअसल इन दिनों सरयू नदी उफान पर है। ऐसे में बैरिंग टूटने या फिर पिलर के धंसने की आशंका बन गई। इस बीच डीएम विवेक के निर्देश पर तत्काल पुल पर से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई।
दो पहिया, चार पहिया समेत छोटे वाहनों को ही पुल से होकर गुजरने दिया जा रहा है। मामले की जानकारी होने पर रविवार दोपहर लखनऊ से तकनीकी टीम ने पीडब्लूडी के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ पुल पर पहुंचकर जायजा लिया।
टीम के साथ आए कार्यदायी संस्था बिल्ड कोन के मैनेजर आरडी पात्रे ने बताया कि सिर्फ दोनों पिलरों के बीच जोड़ का रबर टूटा है। इस रबर का मुख्य कार्य कचरा रोकने एवं पैदल चलने वालों का पैर जोड़ के बीच न फंसे, इसे बचाने का होता है। बताया कि बैरिंग व पिलर पूरी तरह सुरक्षित है।
कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं है। समाचार प्रेषण तक रबर लगाने का कार्य शुरू नहीं किया जा सका था। उधर एडीएम रामसूरत पांडेय ने बताया कि तकनीकी टीम ने रबर ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया है। फिलहाल बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। खराबी दूर करने के बाद आवागमन सुचारु रूप से शुरू कर दिया जाएगा।