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लाभकारी होगी तकनीकी विधि से मशरूम की खेती

Sat, 13 Aug 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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खेती - फोटो : demo pic
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कृषि केंद्र पांती में पादप सुरक्षा अनुभाग के अंतर्गत किसानों को मशरूम की खेती करने का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। पांच दिनी प्रशिक्षण में क्षेत्र के चयनित 20 किसानों को मशरूम उत्पादन के तौर-तरीकों को विस्तार से समझाया गया। कृषि वैैज्ञानिकों ने मशरूम की खेती के तमाम फायदे भी गिनाए। 
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कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रविप्रकाश मौर्य ने मशरूम उत्पादन की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को प्रौद्योगिकी, खाद्य उत्पादों की जानकारी के अतिरिक्त आपूर्ति शृंखला और रख-रखाव की तकनीकी जानकारी से अवगत कराया। बटन मशरूम, ढिंगरी मशरूम व दुधिया मशरूम को वर्ष भर व्यवसाय के स्तर पर अपनाने पर बल दिया।

मशरूम उत्पादन कक्ष की बनावट, तापक्रम व आर्द्रता एवं रख-रखाव में प्रयुक्त सामग्री, यंत्र आदि के बारे में समझाया। मशरूम को सुखाना, श्रेणीकरण, परिवहन में शीत शृंखला वाहन का प्रयोग तथा बिक्री के समय रख-रखाव के बारे में तकनीकी जानकारी दी।
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पशुधन विकास वैैैज्ञानिक डॉ. विद्यासागर ने बटन मशरूम उत्पादन के लिए कम्पोस्ट खाद बनाने में प्रयुक्त दीर्घ व लघु विधि तथा ढिंगरी व दुधिया मशरूम उत्पादन के लिए गर्म जल उपचार विधि और रासायनिक उपचार विधि से अवगत कराया।

कृषि वानिकी वैैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने प्रकृति में उपलब्ध जहरीले मशरूम तथा खाद्य मशरूम के अंतर के बारे में बताया। शस्य वैैैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने व्यवसायिक उत्पादन तकनीकी में ताजा व स्वच्छ मशरूम की उपलब्धता व बीजाई की विधि आदि के बारे में विस्तार से समझाया।

बीते दिन हुए प्रशिक्षण सत्र के समापन मौके पर प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, रख-रखाव के साथ ही व्यंजन माला से प्रोत्साहित किया गया। इस मौके पर महिला व पुरुष प्रशिक्षणार्थियों के अलावा स्थानीय स्तर पर कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
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