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शव ले जाना है तो पहले शव वाहन में डीजल डलवाओ

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अंबेडकरनगर। शव ले जाना है तो पहले शव वाहन में डीजल डलवाओ। वाहन में डीजल नहीं है। ऐसे में डीजल का पैसा दो तब वाहन आगे बढ़ेगा। कुछ इसी प्रकार का दृश्य गुरुवार रात जिला अस्पताल में उस समय देखने को मिला, जब अलग-अलग मार्ग हादसों में हुई दो युवकों की मौत के बाद उनके शव को जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस ले जाना पड़ा।
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चालक ने वाहन में डीजल न होने का हवाला देते हुए हाथ खड़ा कर लिया। इस पर वहां मौजूद एक जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। डीएम की फटकार के बाद सीएमएस ने डीजल की व्यवस्था कराई, इसके बाद दोनों शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाया जा सका।
अव्यवस्थाओं से जूझ रहे जिला अस्पताल से शव ले जाना भी मुश्किलों भरा है। जिला अस्पताल से शव ले जाने के लिए दो वाहन हैं। एक वाहन लंबे समय से खराब पड़ा है। देखरेख के अभाव में वह निष्प्रयोज्य हो गया है। दूसरा वाहन संचालित तो है, लेकिन अक्सर चालक डीजल न होने का हवाला देकर हाथ खड़ा कर लेता है। ऐसे में जिन्हें जानकारी नहीं होती, वह वाहन में डीजल डलवाते हैं। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस या फिर घर ले जाते हैं। कभी कभी मृतक के परिवारीजन इसे लेकर हंगामा भी करते हैं। इसकी शिकायत भी कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से की गई, लेकिन इसे लेकर कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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गुरुवार रात भी कुछ इसी प्रकार की घटना सामने आई। दरअसल गुरुवार देर शाम हुए मार्ग हादसों में दो युवक अभिषेक व देवेंद्र पाल की मौत हो गई थी। संबंधित शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस ले जाना था। इसके लिए जब जिला अस्पताल में खड़े एकमात्र वाहन को बुलाया गया, तो चालक ने यह कहते हुए शव ले जाने में असमर्थता जताई कि वाहन में डीजल नहीं है। कहा कि डीजल के पैसा दीजिए तब लाकर इसमें डालें। इस पर वहां मौजूद लोगों में नाराजगी व्याप्त हो गई।
इसी बीच वहां पहुंचे जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनिल मिश्र ने कहा कि वाहन में डीजल का प्रबंध तो सरकार की तरफ से होता है तो चालक ने कहा कि हम लोगों को डीजल नहीं मिलता। इस पर अनिल ने जिलाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दी। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते सीएमएस डॉ. एसपी गौतम को तत्काल ठोस कदम उठाए जाने का निर्देश दिया। इसके बाद सीएमएस ने व्यवस्था किया और दोनों शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनिल मिश्र ने कहा कि ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई बार वाहन में डीजल न होने की बात कहकर पीड़ित परिवार से डीजल के लिए राशि ली जा चुकी है। इसकी कई बार शिकायत भी जिम्मेदार अधिकारियों से की गई, लेकिन कभी कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसी का नतीजा है कि आए दिन इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
लगातार वाहन के चलने से गुरुवार रात वाहन में डीजल कम हो गया था। ऐसे में जैसे ही उन्हें जानकारी हुई, तत्काल मौके पर पहुंचकर डीजल की व्यवस्था की और दोनों शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
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डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस
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