बसखारी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी कोरोना काल में मरीजों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। यहां मरीजों का रुटीन चेकअप तो दूर आपातकालीन सेवा भी प्रभावित चल रही है है। इसका मुख्य कारण चिकित्सकों का यहां उपलब्ध न होना है। आपातकालीन सेवा के लिए पहुंचे मरीजों को यहां से मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। कोरोना की विशेष ड्यूटी के नाम पर चिकित्सक व कर्मचारी गायब ही रहते हैं। इसका खामियाजा अस्पताल आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। उधर, सीएमओ ने कहा कि नदारद रहने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा।
बताते चलें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी पर एक अधीक्षक समेत सात चिकित्सक की तैनाती है। मौजूदा समय में प्रभारी अधीक्षक डॉ. मार्कंडेय प्रसाद कोरोना/टीकाकरण व डॉक्टर पौनमी देव लेबर रूम का जिम्मा संभाल रही हैं। सर्जन डॉ. रजनी सचान चाइल्ड केयर के लिए छुट्टी पर हैं। डॉ. एकलाख अहमद व डॉ. अंजुम आरा यूनानी चिकित्सक हैं। इन्हीं के जिम्मे ओपीडी सेवा है। डॉ. प्रशांत व डॉ. आशीष एकलव्य स्टेडियम में बने कोरोना हॉस्पिटल में ड्यूटी पर लगाए गए हैं। ऐसे में सीएचसी पर चिकित्सकों का टोटा है। यहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की मनमानी के चलते शुक्रवार से ही बसखारी सीएचसी पर ज्यादातर मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीज व घायल यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
चिकित्सकों की इस मनमानी से स्थानीय लोगों में नाराजगी का माहौल है। ओपीडी के साथ साथ इमरजेंसी सेवा भी यहां लगभग ठप है। इसके चलते मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शनिवार को किछौछा निवासी लड्डन कुरैशी, शाहिद कुरैशी, शादाब व मुशीर उर्फ रियाज मारपीट में घायल हो गए थे। बसखारी पुलिस ने मेडिकल के लिए घायलों को लेकर सीएचसी बसखारी भेजा। वहां चिकित्सकों की अनुपलब्धता के चलते घायलों को दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया। यही हाल रुटीन चेकअप के लिए पहुंच रहे मरीजों का भी है। तमाम मरीजों को बैरंग लौटाया जा रहा है। बताया जाता है कि कुछ चिकित्सकों की यहां तैनाती होने के बावजूद उपचार नहीं कर रहे हैं।
आरोप है कि वही चिकित्सक प्राइवेट रूम में मोटी फीस लेकर उपचार कर रहे हैं। उधर, सीएचसी अधीक्षक मार्कंडेय प्रसाद ने कहा कि इन दिनों चिकित्सकों की व्यस्तता बढ़ी है, लेकिन जिसकी जहां ड्यूटी लगी है, वहां उसे मुस्तैद रहने के निर्देश हैं। यदि कोई शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई भी होगी। उधर, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। ड्यूटी से नदारद मिलने पर वाले चिकित्सकों को नोटिस जारी किया जाएगा।