प्रभारी प्रधानाचार्य ने तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। सभी छात्र छात्राओं को एंबुलेंस से सीएचसी भीटी में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के बाद सभी हालत सामान्य हो सकी। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी ने आवश्यक जानकारी हासिल की।
शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जेट्रोफा का फल खाने के चलते ही बच्चों की तबियत खराब हुई है।उधर अभिभावकों ने मिड डे मील में ही गड़बड़ी की आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक प्राथमिक विद्यालय बौरे में कुल 61 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। बुधवार को 30 छात्र छात्राएं ही विद्यालय में उपस्थित थे। शिक्षण कार्य शुरू होने के बाद पूर्वाह्न एमडीएम योजना के तहत बच्चों को खाना परोसा गया। इसी बीच विद्यालय परिसर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का भी एक बालक वहां पहुंच गया।
उसे भी खाने के लिए बैठा दिया गया। बताया जाता है कि कुछ बच्चों ने जैसे ही भोजन करना शुरू किया तो इसी दौरान एक बालिका को उल्टी होने लगी। खाना परोस रहे रसोइए ने पहले इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ ही देर में एक एक कर सभी बच्चों को उल्टी होने लगी। प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद यह दृश्य देखकर सन्न रह गए।
प्रधानाध्यापक की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से सभी बच्चों को सीएचसी भीटी ले जाया गया। एक साथ 16 छात्र छात्राओं के अस्पताल पहुंचने पर अस्पताल में भी अफरातफरी मच गई। आननफानन बच्चों का इलाज शुरू हुआ। कुछ देर बाद बच्चों की तबियत में कुछ सुधार होने लगा।
प्रधानाध्यापक श्री प्रसाद ने बताया कि एक छात्रा जेट्रोफा बीज ले आई थी। उसी के खाने से बच्चों की तबियत बिगड़ी। बच्चों के बीमार होने की सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी केपी सिंह व जिला स्वास्थ्य प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एके गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। सीएचसी प्रभारी डा. एपी सिंह ने बताया जांच के बाद बच्चों की उल्टी में भोजन के कण नहीं मिले हैं। जेट्रोफा खाने से ही बच्चों की तबियत बिगड़ी है।